प्रदेश विश्वविद्यालय की 25 सितंबर से शुरू हुई यूजी की अनुपूरक और गोल्डन चांस की परीक्षाओं में प्रदेश भर में कई छात्रों को रोलनंबर नहीं पहुंचे हैं। इस कारण छात्रों को स्ट्रे केस में बैठना पड़ रहा है। सीओई प्रो. एसएल कौशल ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि उनसे स्ट्रे केस में बिना रोलनंबर बैठने की फीस नहीं ली जाएगी।
जिन छात्रों ने निर्धारित तिथि के भीतर फार्म भरे हैं, उन्हें सिर्फ केंद्र नियंत्रक/ अधीक्षक को फार्म के साथ भरी फीस की स्लिप/ पोस्टल ऑर्डर/ बैंक ड्राफ्ट की रसीद दिखानी होगी। साथ ही आईकार्ड दिखाना होगा। छात्र पुराने रोलनंबर पर ही परीक्षा दे सकते हैं। सभी परीक्षा केंद्रों को 24 सितंबर को लिखित में आदेश जारी कर दिए थे।
स्ट्रे केस में अब तक एक हजार रुपये फीस लेने का कोई मामला उनके ध्यान में नहीं आया है। कहा कि 80 फीसदी से अधिक रोलनंबर डाक से भेजे हैं। साइट पर परीक्षाओं की कट लिस्ट और रोलनंबर उपलब्ध करवाए हैं। बहुत कम ऐसे छात्र हैं, जिन्हें रोलनंबर जारी नहीं हुए हैं। यूजी प्रथम वर्ष की परीक्षा के लिए डेटशीट और रोलनंबर भेजे जा रहे हैं।
छात्र से ली जाएगी अंडरटेकिंग
जिन छात्रों को रोलनंबर नहीं मिले हैं, उन्हें फीस की रसीद और आईकार्ड पर परीक्षा में बैठने की अनुमति देने से पूर्व उनसे लिखित में अंडरटेकिंग ली जा रही है। इसमें उन्हें लिखकर देना होगा कि यदि उनका फार्म नहीं मिला तो उनका परिणाम रोक दिया जाएगा।
परीक्षा नियंत्रक से मिली एसएफआई
एसएफआई की विवि इकाई शनिवार को छात्रों से स्ट्रे केस के रूप में वसूली जा रही एक हजार की फीस के मामले को लेकर परीक्षा नियंत्रक से मिली। आरोप है कि जिन छात्रों को रोलनंबर नहीं मिले हैं, उनसे एक हजार रुपये स्ट्रे केस की फीस वसूली जा रही है। विश्वविद्यालय समय पर रोलनंबर न भेजने की अपनी नाकामी की एवज में छात्रों से एक हजार की फीस वसूल रहा है। इकाई अध्यक्ष नोबल ठाकुर और सचिव राहुल चौहान ने मांग उठाई कि छात्रों से फीस न वसूली जाए।