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सुक्खू नहीं, अब वीरभद्र संभालेंगे ये कमान, चार दिन बाद नए आदेश जारी

Tue, 17 Oct 2017 10:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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कांग्रेस हाईकमान ने चुनाव प्रचार समिति में फेरबदल किया है। नई दिल्ली में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को चुनाव प्रचार की कमान सौंपी गई है। चार दिन पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू इसके अध्यक्ष बनाए गए थे। इस फैसले से पहले कांग्रेस की प्रदेश चुनाव समिति की नई दिल्ली में बैठक हुई।
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इस बैठक पहले हिमाचल कांग्रेस के दिग्गज नेता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मिले। इसी में तमाम मुद्दों पर चर्चा हुई। वहीं, इसके बाद करीब 12 बजे के प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में टिकट तय करने पर चर्चा की गई। ये करीब चार घंटे तक चली। नई दिल्ली में हुई प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में ज्यादातर सीटों सदस्य नेताओं में सहमति बन गई।

केवल 27 सीटों पर ही सर्वसम्मति नहीं बनने से पैनल में महज दो से छह नाम ही भेजे गए। माना जा रहा है कि कांग्रेस के टिकटों की पहली सूची मंगलवार को जारी की जा सकती है। कांग्रेस के राज्य प्रभारी सुशील कुमार शिंदे की निगरानी में हुई इस चुनाव समिति की
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बैठक में इस कमेटी के अध्यक्ष कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के अलावा आनंद शर्मा, विद्या स्टोक्स, जीएस बाली, ठाकुर सिंह भरमौरी, कौल सिंह ठाकुर, मुकेश अग्निहोत्री, सुधीर शर्मा, गंगूराम मुसाफिर, आशा कुमारी, विप्लव ठाकुर, सेवादल प्रमुख अनुराग शर्मा, युकां प्रदेशाध्यक्ष विक्रमादित्य आदि मौजूद रहे।
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हिमाचल में फिर बनेगी कांग्रेस सरकार: वीरभद्र

हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का कहना है कि उनके खिलाफ राजनीतिक कार्रवाई हो रही है,लेकिन वह इसका डटकर मुकाबला कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में फिर से कांग्रेस की ही सरकार बनेगी। अपने ऊपर लग रहे आरोपों पर उन्होंने कहा कि सच सामने आएगा। हमने हिमाचल का विकास किया है और जनता उसी विकास पर वोट करेगी।

सीएम उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पलटवार करते हुए गुजरात में दिए गए उनके भाषण पर कहा कि सरदार पटेल और जवाहर लाल नेहरू में कोई मतभेद नहीं था, पीएम अपना ज्ञान बढ़ाएं।

मुख्यमंत्री ने अपने बेटे की दावेदारी को वंशवाद से अलग बताया। उन्होंने कहा कि हर किसी को चुनाव लड़ने का अधिकार है, जनता तय करती है उसका नेता कौन हो।

दूसरी ओर प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू का कहना है कि संगठन पूरी तरह तैयार है और हमारी ही जीत होगी। सीएम के साथ खींचतान पर बोले कि लोकतंत्र में मतभेद हो जाते हैं लेकिन अब सब ठीक है। हम साथ-साथ हैं।

सुक्खू ने खुद के चुनाव लड़ने का फैसला पार्टी पर छोड़ा है। हालांकि उन्होंने अपनी मंशा जाहिर करते हुए कहा कि हाईकमान बोलेगा तो हम जरूर लड़ेंगे, मैंने अपनी इच्छा बता दी है। उनका कहना है कि उम्मीदवारों के नाम की घोषणा जल्द कर दी जाएगी।
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