कई किसानों ने पॉवर टिल्लर खरीदने के बाद इस पर देय सब्सिडी के लिए आवेदन किए, मगर ये खारिज किए जा रहे हैं। सब्सिडी पाने को किसान दरबदर हो रहे हैं।
विभाग तर्क यह दे रहा है कि उक्त पॉवर टिल्लर उन कंपनियों के नहीं खरीदे गए हैं, जिनको कृषि विभाग ने सूचीबद्ध किया है। इससे बड़ी संख्या में किसान परेशान हैं।
कृषि निदेशक ने दिया तर्क
राज्य कृषि विभाग के निदेशक डा. देस राज का कहना है कि किसान गुणवत्तायुक्त पॉवर टिल्लर ही खरीदें। यह फैसला इसी वजह से लिया गया है।
उन्होंने कहा कि कई बार किसान चाइनीज कंपनियों के पॉवर टिल्लर खरीद लेते हैं। ये खराब हो जाते हैं। इसलिए ऐसी कंपनियों के पॉवर टिल्लर ही खरीदे जा सकेंगे, जो सूची में हैं।