स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि सर्दियों की छुट्टियों के बाद स्कूल खुलते ही कक्षाएं नियमित रूप से लगनी चाहिए। किसी भी स्कूल में पहले दिन औपचारिकताओं, बैठकों या अन्य गैर-शैक्षणिक गतिविधियों के नाम पर पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। निर्देशों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए फरवरी में स्कूलों का निरीक्षण करने का फैसला लिया गया है। उपनिदेशक कार्यालयों के अधिकारी, कॉम्प्लेक्स स्कूलों के प्रधानाचार्य और संबंधित खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी स्कूलों का दौरा करेंगे।
निरीक्षण के दौरान यह देखा जाएगा कि स्कूल पूरी तरह कार्यात्मक हैं या नहीं और कक्षाओं में वास्तविक रूप से शिक्षण कार्य शुरू हुआ है या नहीं। सभी उप निदेशकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे यह आदेश संबंधित सभी अधिकारियों, स्कूल प्रमुखों और फील्ड स्टाफ तक तुरंत पहुंचाएं। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। शिक्षा निदेशक ने कहा कि सर्दियों के लंबे अवकाश के कारण पहले ही शैक्षणिक समय प्रभावित होता है। ऐसे में स्कूल खुलने के बाद एक-एक दिन बेहद महत्वपूर्ण है। पहले दिन से पढ़ाई शुरू होने से न केवल पाठ्यक्रम समय पर पूरा होगा, बल्कि विद्यार्थियों की पढ़ाई की निरंतरता भी बनी रहेगी। निदेशक ने अप्रत्यक्ष रूप से अभिभावकों से भी अपेक्षा जताई है कि वे बच्चों को पहले ही दिन स्कूल भेजें और नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें।