दरअसल, शिक्षकों की कमी के चलते पढ़ाई प्रभावित होने पर स्कूल के 252 बच्चे बीते 23 दिन से कक्षाओं का बहिष्कार कर रहे हैं। विद्यार्थियों के विरोध को देखते हुए सरकार ने करीब दो हफ्ते पहले सात शिक्षकों को यहां ट्रांसफर किया था, लेकिन अब तक केवल एक ही शिक्षक ने स्कूल में ज्वाइन किया है।
शुक्रवार को विद्यार्थियों ने पंचायत घर में बैठक कर भूख हड़ताल पर जाने का फैसला किया। विद्यार्थियों के इस कदम की सूचना मिलने पर स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्य भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने शिक्षकों की तैनाती कराने का आश्वासन दिया, लेकिन विद्यार्थी भूख हड़ताल पर अडे़ रहे।
भूख हड़ताल पर बैठे विद्यार्थियों ने बताया कि उन्होंने संघर्ष कड़ा करने का फैसला लिया है। इस दौरान वे अन्न ग्रहण नहीं करेंगे। उधर, बच्चों के अभिभावकों में भी खासा रोष है। अभिभावकों में दुनी चंद, व्यास देव, चमन, हरदयाल, रमेश ठाकुर, तेज सिंह, गोपाल और नेत्र सिंह का कहना है कि वे बच्चों के आंदोलन के साथ हैं।
शिक्षा उपनिदेशक देवेंद्र पाल ने बताया कि रिक्त पदों को लेकर विभाग के आला अधिकारियों को सूचित किया गया है। बुधवार को भंजराडू/तीसा विद्यालय से शिक्षक रिलीव किए गए हैं।
विद्यालय में ये पद रिक्त- टीजीटी मेडिकल, भाषा अध्यापक, कला अध्यापक, पीजीटी अंग्रेजी, पीजीटी हिंदी और पीजीटी इतिहास के पद रिक्त हैं।
इसी विद्यालय में कार्यरत प्रधानाचार्य सुनीता देवी का दो दिन पहले हार्ट अटैक से निधन हो गया है। ऐसे में अब विद्यालय में मुखिया का पद भी रिक्त हो गया है।