स्कूल स्तर पर टॉपर विद्यार्थी को प्रार्थना सभा में जबकि ब्लाक और डाइट स्तर पर भी सम्मानित किया जाएगा। बेहतर परिणाम देने वाले शिक्षकों को भी सम्मानित किया जाएगा। 45 फीसदी से कम अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की एक्सट्रा क्लासें लगाई जाएंगी। निदेशालय ने सभी प्रिंसिपलों और शिक्षकों को साल भर की पढ़ाई को चार भागों में बांटने और टीचर डायरी को अनिवार्य तौर पर प्रयोग में लाने को कहा है।
पिछले साल के मुकाबले 2018-19 में जमा दो कक्षा के परीक्षा परिणाम में आठ फीसदी की कमी दर्ज हुई है। इस साल जमा दो का परीक्षा परिणाम 62.01 फीसदी रहा है। बीते साल परीक्षा परिणाम 70.18 फीसदी था। दसवीं का परिणाम इस साल 60.79 फीसदी रहा है जबकि पिछले साल परीक्षा परिणाम 63.39 फीसदी था। साल 2019 में दसवीं कक्षा का निजी स्कूलों का परिणाम 80 फीसदी और सरकारी स्कूलों का 55 फीसदी रहा है।