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हिमाचल प्रदेश विवि से संबद्ध कॉलेजों को बड़ी राहत

Wed, 22 Jun 2016 01:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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एचपीयू शिमला
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों के लिए राहत भरी खबर है। उनके लिए पहले तय की गई प्रति कोर्स पांच लाख सिक्योरिटी की शर्त को हटा दिया गया है। इससे प्रदेश में चल रहे छोटे संस्कृत कॉलेज और एक या दो कोर्स वाले कॉलेजों को राहत मिली है। अब कॉलेजों को सिर्फ विवि को सिक्योरिटी के स्थान पर एंडोवमेंट फं ड ही देना होगा।
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प्रदेश भर में चल रहे एचपीयू से संबद्ध 310 से अधिक कॉलेज व संस्थान चल रहे हैं। विवि की कार्यकारी परिषद की मई माह में हुई बैठक में सिक्योरिटी जमा करवाने की शर्त को हटा दिया गया है, जल्द विवि इसकी अधिसूचना जारी कर देगा। 2015 में संबद्धता के बनाए रेगुलेशन में सिक्योरिटी को लिए जाने का प्रावधान था, जिसे विवि ने लागू कर दिया था।

इस पर छोटे विशेष तौर पर संस्कृत कॉलेज या एक या दो दो कोर्स चला रहे कॉलेजों ने 5 लाख सिक्योरिटी लिए जाने का विरोध किया था, जिस पर मामला कोर्ट में भी गया था। विवि ने कोर्ट में शर्त हटाने को लेकर शपथ पत्र दिया था, उसके मुताबिक ही अब इस शर्त को हटा भी दिया है।
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प्रति कोर्स वसूला जाएगा एंडोमेंट फंड

Students
संबद्धता को लेकर संशोधित किए रेगुलेशन के मुताबिक संस्थान को प्रति कोर्स यह फंड जमा करवाना होगा। इनमें बीए, बीबीए, बीसीए जैसे कोर्स को एक लाख, संस्कृत कॉलेज को 50,000 अन्य प्रोफेशनल कोर्स एलएलबी, बीएमएस जैसे कोर्स  लिए यह राशि दो लाख तक भी तय की गई है।

इसलिए विवि लेता है एंडोमेंट फंड
कॉलेज के बीच में बंद हो जाने, शिक्षकों के वेतन समय पर न देने या किसी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए विवि अपने पास प्रति कोर्स अलग से फंड लेकर रखता है, जिसकी एफडी करवाई जाती है। इसका ब्याज संस्थान मैनेजमेंट को जाता है, तय अंतराल के बाद इसे रिन्यू किया जाता है।

विवि के कुलसचिव डा. पंकज ललित ने माना कि पांच लाख प्रति कोर्स  सिक्योरिटी की शर्त को हटाने का फैसला हुआ है। अब कॉलेज व संस्थानों से कोर्स के लिए हिसाब से एंडोवमेंट फंड लिया जाएगा। संबद्धता की फीस दरें प्रति कोर्स तय दरों के मुताबिक और स्थायी, अस्थाई, वार्षिक/बैच के हिसाब से तय फीस के मुताबिक ही ली जाएगी।
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