विदाई के समय फूट-फूटकर रोने लगे बच्चे
अध्यापक ने मांजू स्कूल में करीब दो दशक तक बच्चों को शिक्षा देने के साथ उनके साथ आत्मीय रिश्ता बनाया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाया और उनके भविष्य को संवारने में योगदान दिया। यही वजह रही कि तबादले की खबर से बच्चे भावुक हो गए और शिक्षक की विदाई के समय फूट-फूटकर रोने लगे। अपने प्रिय शिक्षक से बिछड़ने का दुख उनके चेहरों पर साफ नजर आया।
आज का दिन उन्हें जिंदगीभर याद रहेगा: नरेंद्र खन्ना
अध्यापक नरेंद्र खन्ना ने भावुक संदेश में कहा कि आज का दिन उन्हें जिंदगीभर याद रहेगा। मांजू गांव के लोगों से मिले अपार प्यार, स्नेह और आशीर्वाद को वह हमेशा संजोकर रखेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने पाठशाला के लिए जो सहयोग दिया, वह किसी से छिपा नहीं है। गांववासियों के साथ स्कूल के बच्चों का निस्वार्थ स्नेह उन्हें जीवनभर याद रहेगा।
जीसीपीएस जसौरगढ़ के लिए हुआ तबादला
अध्यापक का स्थानांतरण जीसीपीएस मांजू से जीसीपीएस जसौरगढ़ में हुआ है। 19 वर्षों तक एक ही गांव के बच्चों को पढ़ाने के बाद विदाई के इस पल ने गुरु-शिष्य के रिश्ते की गहराई को बयां कर दिया। बच्चों की आंखों से छलके आंसू इस बात की गवाही दे रहे थे कि शिक्षक ने उनके दिलों में खास जगह बनाई थी।