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छात्र-अभिभावक मंच: निजी स्कूल फीस नियंत्रण के लिए नियामक आयोग बनाए सरकार

Fri, 03 Sep 2021 05:05 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

मंच के राज्य संयोजक विजेंद्र मेहरा ने कहा कि प्रदेश सरकार की नाकामी और निजी स्कूलों से मिलीभगत के कारण स्कूल लगातार मनमानी कर रहे हैं। कोरोना काल में भी निजी स्कूल ट्यूशन फीस के अलावा सभी प्रकार के फंड और चार्ज वसूल रहे हैं।
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छात्र अभिभावक मंच(फाइल) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छात्र-अभिभावक मंच ने निजी स्कूलों की लूट पर रोक लगाने के लिए कैबिनेट बैठक में नियामक आयोग के प्रारूप को अंतिम रूप देने की मांग की है। मंच ने चेताया है कि अगर प्रदेश सरकार ने तुरंत यह कानून और नियामक आयोग स्थापित नहीं किया तो अभिभावक मंच एक बार फिर आंदोलन का बिगुल बजा देगा। मंच के बैनर तले अभिभावक सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। मंच के राज्य संयोजक विजेंद्र मेहरा, जिला कांगड़ा अध्यक्ष विशाल मेहरा, मंडी अध्यक्ष सुरेश सरवाल, शिमला अध्यक्ष विवेक कश्यप, उपाध्यक्ष भुवनेश्वर सिंह, बद्दी अध्यक्ष जयंत पाटिल, पालमपुर अध्यक्ष आशीष भारद्वाज, नालागढ़ अध्यक्ष अशोक कुमार, कुल्लू अध्यक्ष पृथ्वी चंद और मनाली अध्यक्ष अतुल राजपूत ने कहा है कि प्रदेश सरकार की नाकामी और निजी स्कूलों से मिलीभगत के कारण स्कूल लगातार मनमानी कर रहे हैं। कोरोना काल में भी निजी स्कूल ट्यूशन फीस के अलावा सभी प्रकार के फंड और चार्ज वसूल रहे हैं। निजी स्कूलों ने बड़ी चतुराई से वर्ष 2021 में कुल फीस के 80 प्रतिशत से ज्यादा हिस्से को ट्यूशन फीस में बदल कर लूट को बदस्तूर जारी रखा है। 

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