भवारना ब्लॉक की पंचायत रड़ा में पूर्व सीपीएस एवं सुलह के पूर्व विधायक को थप्पड़ मारने की घटना से कांगड़ा में सियासी उबाल आ गया है। इस मामले का वीडियो वीरवार रात से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें रड़ा पंचायत में कुछ लोग पूर्व विधायक से हाथापाई कर रहे हैं तो एक युवक ने पीछे से पूर्व विधायक जगजीवन पाल को थप्पड़ भी मारा है।
सुलह कांग्रेस ने इसका आरोप भाजपा पर मढ़ा है। जबकि भाजपा ने इस सारे मामले से अपने को अलग रखा है। वहीं विस अध्यक्ष एवं सुलह के विधायक विपिन सिंह परमार ने इस मामले की जांच के भी आदेश दे दिए हैं। मामले को लेकर सुलह ब्लॉक कांग्रेस ने बैठक कर धरने प्रदर्शन पर रूपरेखा तैयार की है। सुलह ब्लॉक कांग्रेस ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं।
दरअसल मंगलवार को रड़ा पंचायत में विस अध्यक्ष विपिन परमार ने पंचायत भवन का शिलान्यास किया। इस भवन के लिए एक दानी सज्जन ने अपनी जमीन दान दी थी। लेकिन पंचायत प्रतिनिधियों समेत पूर्व विधायक जगजीवन पाल ने इसका विरोध किया था।
उनका कहना था कि जब पंचायत के पास अपनी जमीन है तो दूसरी जगह पर इसका शिलान्यास करने का क्या औचित्य है। लिहाजा, पंचायत की मांग को देख पूर्व विधायक धरने पर बैठ गए थे। इस पर जगजीवन पाल से कुछ लोगों ने हाथापाई भी की। जबकि एक व्यक्ति ने पीछे से उन्हें थप्पड़ भी मारा, जिसका वीडियो सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है।
उधर, मामले को लेकर एसपी खुशहाल शर्मा ने बताया कि उनके पास पूर्व विधायक व सीपीएस जगजीवन पाल की शिकायत आई है। उन्होंने एक व्यक्ति पर आरोप लगाए हैं। एसपी ने बताया कि जगजीवन पाल को मेडिकल करवाने के लिए कहा गया है। पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है।
पुलिस ने कार्रवाई न की तो सड़कों पर उतरेगी कांग्रेस : अरुण
सुलह ब्लॉक कांग्रेस ने पूर्व सीपीएस जगजीवन पाल को भाजपा के कार्यक्रम में थप्पड़ मारने व उनके साथ धक्का-मुक्की करने के विरोध में बैठक कर विरोध की पूरी रूपरेखा तैयार की। सुलह ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अरुण राणा की अध्यक्षता में हुई बैठक में सुलह कांग्रेस एकजुट दिखी। अरुण ने कहा कि बैठक में पूरे विधानसभा क्षेत्र के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने भाग लिया।
तय किया गया कि सुलह में भाजपा सरकार के समय में पनपते गुंडाराज के विरोध में सोमवार को सुलह ब्लॉक कांग्रेस भवारना में नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपेगी। कांग्रेस पुलिस की कार्यप्रणाली से भी संतुष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि जब यह शांतिपूर्वक धरना-विरोध प्रदर्शन चल रहा था, तो पुलिस वालों ने उलटे भाजपा कार्यकर्ताओं को रोकने की बजाय पूर्व सीपीएस जगजीवन पाल के साथ शांतिपूर्वक बैठे कार्यकर्ताओं को रोक लिया और भाजपा कार्यकर्ताओं को वहां पर उनसे मारपीट करने के लिए आगे जाने दिया।
उन्होंने कहा कि यह सारी घटना पुलिस के सामने हुई है और अब वीडियो भी सार्वजनिक तौर पर सभी जगह वायरल हुआ है। पुलिस दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार जब भी सत्ता में आई है, तो इस प्रकार की गुंडागर्दी आम करती आई है। पूर्व सीपीएस जगजीवन पाल भी बैठक में उपस्थित रहे। थप्पड़ मारने वाले की गिरफ्तारी की मांग प्रदेश सरकार व प्रदेश पुलिस से की गई है।
सरकार व पुलिस जल्द कोई उचित कार्रवाई नहीं करती है, तो कांग्रेस भाजपा की इस प्रकार की गुंडागर्दी के विरोध में सड़कों पर आएगी। बैठक में इंटक महामंत्री सीता राम सैनी, कांगड़ा बैंक के पूर्व चेयरमैन जगदीश सिपहिया, जिप सदस्य रूपरेखा, ध्रुव सिंह, पूर्व जिप सदस्य सविता भटेड़िया, धर्म सिंह कठियाल, सुनील शर्मा, रमेश उपस्थित रहे।
पंचायत भवन के शिलान्यास पर नहीं बुलाए प्रतिनिधि : प्रधान
रड़ा पंचायत के प्रधान लेखराज ने बताया कि उन्हें, उपप्रधान अर्जुन सिंह व तीन वार्ड सदस्यों को पंचायत भवन के शिलान्यास की जानकारी ही नहीं दी गई। पंचायत घर का शिलान्यास हो रहा हो और पंचायत प्रतिनिधियों को ही बताया न जाए तो इस बात से यह बात स्पष्ट हो जाती है कि रड़ा गांव के जमीन दान करने वाले व्यक्ति ने किस तरह से स्थानीय विधायक व विधानसभा अध्यक्ष को गुमराह किया होगा। प्रधान ने आरोप लगाया कि अपने निजी स्वार्थ के लिए जमीन दान दी गई है।
पंचायत ने जमीन नहीं दी तो भूमि दान की : घनश्याम
पंचायत भवन के लिए जमीन देने वाले दानी सज्जन घनश्याम परमार ने कहा कि रड़ा नई पंचायत बनी है। इसमें पंचायत भवन बनना चाहिए। लेकिन जमीन का कोई प्रस्ताव न होने से यह भवन नहीं बन रहा था। रड़ा पंचायत ने पंचायत भवन के लिए जमीन का कोई प्रस्ताव विकास खंड कार्यालय सुलह में नहीं दिया। इस पर विकास खंड सुलह से कहा गया कि भवन के लिए जमीन का कोई प्रस्ताव नहीं आया तो भवन कहां और कैसे बनाया जाएगा। इस पर उन्होंने अपनी जमीन पंचायत भवन के लिए दान की।