गांव में अकसर बिजली गुल रहने से परेशान जनजातीय जिले किन्नौर के एक छात्र ने जूतों से ही बिजली तैयार कर दी। सरकारी स्कूल कानम के 11वीं के विद्यार्थी हर्शल रत्न विक्रमादित्य ने कंप्यूटर की पुरानी हार्ड डिस्क को तोड़कर जूतों में फिट होने वाला एक डिवाइस तैयार किया है।
चलते समय जैसे ही भार जूते में लगे डिवाइस पर पड़ता है तो दबाव से बिजली पैदा होने लगती है। इस बिजली को पावर बैंक में इक्ट्ठा कर मोबाइल चार्ज किया जा सकता है। जनजातीय क्षेत्र के इस बाल वैज्ञानिक का मॉडल इन दिनों नौणी विश्वविद्यालय सोलन में प्रदर्शित किया गया है।
उसके इस मॉडल को खूब सराहना मिल रही है। पूरे हिमाचल से 800 बाल वैज्ञानिक अपने शोध मॉडलों को लेकर यहां पहुंचे हुए हैं।
हमीरपुर के भोटी स्कूल की जमा दो की एक छात्रा श्रेया ने सोलर अलार्म ईजाद किया है।
इसे भूस्खलन संभावित क्षेत्र में लगाने के बाद जैसे ही पहाड़ी से पत्थर गिरने लगेंगे तो तुरंत अलार्म बजेगा। ऐसे में हाईवे पर आवाजाही रोककर दुर्घटना से बचा जा सकता है। श्रेया ने प्रदर्शनी में अपने अलार्म का डेमो भी दिया।
बता दें कि बीते अगस्त माह में मंडी के कोटरोपी में भूस्खलन की चपेट में एक बस आ गई थी जिसमें करीब 50 लोगों की जान चली गई थी। श्रेया को इस हादसे ने भी झकझोरा।