लोअर बाजार, मिडिल बाजार में कारोबार करने वाले दर्जनों तहबाजारियों पर होगी कार्रवाई
पुलिस के साथ निगम की दो टीमें तीन दिन हटाएगी अतिक्रमण
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। लोअर बाजार और मिडिल बाजार से सभी वैध और अवैध तहबाजारियों को हटाया जाएगा। पहली बार शहर के सबसे बड़े बाजार को तहबाजारी मुक्त किया जा रहा है। इसके लिए नगर निगम पुलिस के साथ मिलकर सोमवार से विशेष अभियान शुरू करेगा। इसके लिए दो टीमें गठित कर दी गई हैं।
अधिशासी अभियंता राजेश ठाकुर और प्रोजेक्ट निदेशक धीरज चंदेल की अगुवाई में गठित टीमों में नगर निगम के कर्मचारियों, मजदूरों के अलावा 15-15 पुलिस जवान भी शामिल किए गए हैं। ये टीमें वाहनों के साथ बाजार में पहुंचकर तहबाजारियों का सामान जब्त करेंगी। नगर निगम के अनुसार पंजीकृत तहबाजारियों को आजीविका भवन में बनाए स्टॉल में शिफ्ट किया जाना है। उन्हें पहले ही तीन बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद एक भी तहबाजारी ने बाजार से अपना सामान नहीं हटाया। अब उन्हें हटाने की कार्रवाई की जाएगी और नगर निगम की टीमें उनका सामान जब्त करेंगी। यह अभियान पूरे दिन चलेगा।
कई तहबाजारियों को लक्कड़ बाजार-आईजीएमसी सड़क पर भी शिफ्ट किया जाना है। नगर निगम के अनुसार प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों के तहत यह कार्रवाई की जा रही है। शहर के लोअर बाजार और मिडिल बाजार को नो वेंडिंग जोन घोषित किया गया है।
नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने कहा कि सभी तहबाजारियों को पहले ही शिफ्टिंग के निर्देश दे दिए गए थे। अब पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई की जाएगी।
नियमों का उल्लंघन पर 10 हजार तक जुर्माना
नगर निगम के अनुसार शहर के लोअर बाजार में अब कोई भी तहबाजारी सड़क पर सामान नहीं सजाएगा। नियमों का उल्लंघन करने पर 10 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। दुकानदार भी दुकानों के भीतर ही सामान सजाएंगे। अतिक्रमण पाए जाने पर उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह पहली बार है जब शिमला शहर में इतने बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है। शहर के लोअर बाजार में 200 से अधिक तहबाजारी सामान बेचते हैं। हालांकि, इनमें पंजीकृत तहबाजारियों की संख्या कम है।
इसलिए हो रही कार्रवाई
लोअर बाजार में तहबाजारियों के अतिक्रमण के कारण सड़कों पर पैदल चलना मुश्किल हो गया है। बाजार से आपातकालीन वाहन तक नहीं गुजर पा रहे हैं। इसी कारण बाजार को नो वेंडिंग जोन घोषित किया गया है। रविवार को भी बाजार में 150 से अधिक तहबाजारियों ने सड़क पर सामान सजाया था।
तहबाजारियों का कहना है कि नगर निगम की इस कार्रवाई से उन्हें नुकसान होगा। जिस स्थान पर उन्हें शिफ्ट किया जा रहा है, वहां ग्राहक नहीं आते। इससे उनकी रोजी-रोटी पर भी संकट खड़ा हो जाएगा।