शिमला। गंज बाजार स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में आयोजित श्रीमद् भागवत सत्संग कथा के पांचवें दिन सोमवार को गजेंद्र मोक्ष की कथा सुनाई गई। कथावाचक पंडित हरीश शर्मा ने बताया कि एक हाथी त्रिकुट पर्वत पर रहता था। एक दिन अपने परिवार के साथ वह सरोवर में स्नान करने जाते हैं। वहां पर उस हाथी का किसी मगरमच्छ ने चरण पकड़ लिया। इस घोर विपत्ति से छुटकारा पाने के लिए हाथी ने अपने परिवार से सहायता मांगी लेकिन कोई भी बाहर नहीं निकाल पाया। वर्षों चले संघर्ष के बाद जब हाथी निर्बल हो गया, तब उसने भगवान विष्णु को याद किया। इसके बाद भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से मगरमच्छ का वध कर हाथी को मृत्यु के मुंह से बचाया और मोक्ष प्रदान किया। सभा के प्रचार मंत्री सुमन पाल दत्ता ने बताया कि मंदिर में आयोजित यह कथा 6 मई तक रोजाना शाम 4 बजे से 6 बजे तक आयोजित की जाएगी। संवाद