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सीएम की घोषणा के एक साल बाद भी नहीं बंटी स्टील बोतलें

Sat, 15 Jun 2019 12:26 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की घोषणा के एक साल बाद भी सरकारी स्कूलों में पानी की स्टील बोतलें नहीं बंटी हैं। साल 2018 में मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों को पानी बोतलें देने का एलान किया था। नौवीं कक्षा के 90 हजार विद्यार्थियों को 750 मिली लीटर क्षमता की बोतलें देने का प्रस्ताव था, लेकिन मामला एक साल बीतने के बाद भी टेंडर प्रक्रिया में उलझा हुआ है। बीते साल पांच जून को पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जिला मंडी के सुंदरनगर में प्लास्टिक बोतलों पर रोक लगाने की घोषणा की थी।

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उन्होंने स्कूली बच्चों को पीने के पानी के लिए स्टील की पानी बोतलें देने को कहा था। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शिक्षा विभाग के साथ मिलकर स्टील बोतलें देने का प्रस्ताव तैयार किया था। सितंबर 2018 में बोतलों की खरीद के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए। अक्तूबर में सात कंपनियों के सैंपल जांच के लिए दिल्ली भेजे गए। लैब से आई जांच रिपोर्ट में किसी भी कंपनी के सैंपल निगम की ओर से तय किए गए मापदंडों पर खरे नहीं उतरे।

ऐसे में टेंडर रद्द कर दिए थे। दोबारा से शुरू हुई टेंडर प्रक्रिया अभी तक सिरे नहीं चढ़ सकी है। खाद्य आपूर्ति निगम ने बोतलों की खरीद करनी है, जबकि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इसके लिए बजट देना है, लेकिन विभागीय लेटलतीफी के चलते अभी तक टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। मुख्यमंत्री की घोषणा के एक साल बाद भी स्कूली बच्चे स्टील की बोतलों के इंतजार में हैं।

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