हालांकि, पेट्रोल पंप संचालक ने दावा किया है कि तेल की गाड़ी जल्द पहुंच जाएगी। इसके बाद भी छोटी गाड़ी वालों को सिर्फ 500 रुपये तक ही पेट्रोल दिया जाएगा। बड़ी गाड़ियों को मांग के मुताबिक डीजल दिया जाएगा। पेट्रोल पंप संचालकों के अनुसार तेल की सप्लाई कम आ रही है। तेल की कमी को देखते हुए बोतलों, कैनी में पेट्रोल-डीजल भरने पर भी पाबंदी लगा दी गई है। इससे बागवानों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।आईओसी के भंडारण केंद्र पेखूबेला के मैनेजर राजेश सिंहा का कहना है कि प्रतिदिन 3000 किलोलीटर पेट्रोल-डीजल का आवंटन किया जा रहा है। पंट्रोल पंप यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सुकुमार ने कहा कि अपने टैंकर न होने पेमेंट न होने से कुछ को दिक्कत हो रही है।
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों आईओसीएल, बीपीसीएल व एचपीसीएल के सभी सप्लाई चैनलों के माध्यम से पूरे हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता सामान्य एवं निर्बाध बनी हुई है। कुल आपूर्ति स्थिति स्थिर और पर्याप्त बनी हुई है। पूरे ईंधन आपूर्ति श्रृंखला टर्मिनलों, डिपो से लेकर रिटेल आउटलेट्स तक सुचारू रूप से संचालित हो रही है और किसी भी प्रकार की व्यवधान नहीं है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने मंगलवार को जारी बयान में यह जानकारी दी। कंपनियों के अनुसार ईंधन स्टॉक की निरंतर निगरानी की जा रही है तथा राज्य के सभी स्थानों पर पुनःपूर्ति कार्य सुगमता से चल रहा है। घरेलू उपभोक्ताओं को एलपीजी की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है और पूरे राज्य में यह सामान्य बनी हुई है।
स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है ताकि सभी उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। तेल उद्योग लॉजिस्टिक्स, स्टॉक आवागमन तथा रिटेल संचालन पर निकट समन्वय बनाए हुए है ताकि क्षेत्र में ईंधन की निर्बाध उपलब्धता बनी रहे। जनता से अनुरोध है कि वे आश्वस्त रहें और सामान्य खपत पैटर्न जारी रखें। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने कहा कि चिंता का कोई विषय नहीं है। उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे घबराहट में खरीदारी न करें। कंपनियों ने जनता को सलाह दी है कि ईंधन उपलब्धता संबंधी सटीक एवं सत्यापित जानकारी के लिए केवल तेल विपणन कंपनियों के आधिकारिक संचार पर ही भरोसा करें।