फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

SLBC Meeting Shimla: अधूरी जानकारियां देने पर एसीएस ने बैंक प्रतिनिधियों को लगाई फटकार

Tue, 06 Dec 2022 11:00 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

शिमला में मंगलवार को हुई राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की 166वीं बैठक में अधूरी जानकारियां देने पर अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) वित्त प्रबोध सक्सेना ने बैंक प्रतिनिधियों को फटकार लगाई।
विज्ञापन
राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में मंगलवार को हुई राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की 166वीं बैठक में अधूरी जानकारियां देने पर अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) वित्त प्रबोध सक्सेना ने बैंक प्रतिनिधियों को फटकार लगाई। बैठक में सक्षम अधिकारियों के नहीं आने पर भी उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। दो टूक कहा कि अगर यही हालात रहे तो अगली बार अपना समय खराब करने के लिए मैं बैठक में नहीं आऊंगा। उन्होंने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की मजबूती के लिए कार्य करने का आह्वान भी किया। कोलकाता से आए यूको बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी सोमा प्रसाद शंकर ने भी इस स्थिति पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बैठक में ऐसे प्रतिनिधि आए हैं, जिन्हें मामलों की जानकारी तक नहीं है। बैठक के दौरान एजेंडे पर चर्चा करते हुए कई बैंकों के प्रतिनिधि योजना के सफल क्रियान्वयन को लेकर जानकारी नहीं दे सके। विभिन्न योजना से संबंधित आंकड़े पूछे जाने पर भी प्रतिनिधियों ने चुप्पी साधे रखी। योजनाओं में सुधार करने को लेकर सुझाव भी कई बैंक प्रतिनिधियों ने नहीं दिए। इस पर अतिरिक्त मुख्य सचिव तलख हुए।

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा है कि पूर्व में हुई बैठकों में कही गई बातों पर ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है। मात्र औपचारिकता निभाने तक बैठक सीमित हो कर रह गई है। उधर, यूको बैंक के प्रबंध निदेशक सोमा प्रसाद शंकर ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत इस वर्ष के लिए 3000 ऋण खातों का लक्ष्य रखा गया है। प्रथम छमाही के दौरान 1345 ऋण प्रस्तावों को स्वीकृति देकर 170 करोड़ की राशि वितरित की गई है। चालू वित्तीय वर्ष के दौरान प्रदेश में कार्यरत बैंकों ने वार्षिक ऋण योजना के तहत प्राथमिक एवं गैर प्राथमिक क्षेत्र के संयुक्त 16754 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विपरीत 17218 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत कर 103 फीसदी लक्ष्य प्राप्त किया। प्रधानमंत्री फूड एंड माइक्रो प्रोसेसिंग योजना को सरकार काफी प्रोत्साहन दे रही है। इस योजना के तहत 710 ऋण प्रकरण स्वीकृत कर हिमाचल प्रदेश पूरे देश में प्रथम स्थान पर है। बैठक में डीजीएम एवं संयोजक राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति प्रदीप आनंद केशरी, क्षेत्रीय निदेशक भारतीय रिजर्व बैंक आरएस अमर, महाप्रबंधक नाबार्ड  विवेक पठानिया और प्रभारी राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति जेसी नेगी भी मौजूद रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें