शिमला। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने राज्य सरकार के बजट को निराशाजनक और जनविरोधी करार दिया है। परिषद के नेताओं ने इसमें शिक्षा, रोजगार और महिला हितों की अनदेखी का आरोप लगाया है। एबीवीपी की प्रदेश मंत्री नैंसी अटल ने कहा कि बजट में विकास की स्पष्ट दिशा नहीं दिखती और यह केवल कागजी घोषणाओं तक सीमित है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के बजट आकार 54,928 करोड़ रुपये रखा है, जो पिछले वर्ष के 58,514 करोड़ रुपये से 3,586 करोड़ रुपये कम है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कार्यों में कटौती की जा रही है। अभाविप ने शिक्षा क्षेत्र में पर्याप्त प्रावधान न होने पर भी सवाल उठाए। सेमेस्टर प्रणाली को लेकर भी परिषद ने आपत्ति जताते हुए कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों को नजरअंदाज किया जा रहा है। रोजगार के मुद्दे पर अभाविप ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। परिषद के अनुसार, एक लाख नौकरियों और पांच लाख रोजगार देने के वादों के बावजूद बजट में कोई ठोस योजना नहीं है। संवाद