मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि निवेशकों की सुविधा को सरकार इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन एजेंसी स्थापित करेगी। अधिकारियों को निर्देश दिए कि 27 दिसंबर को सरकार का दो वर्ष का कार्यकाल पूरे होने पर 10 हजार करोड़ तक की परियोजनाओं पर कार्य शुरू हो जाएं। सीएम ने शुक्रवार को इन्वेस्टर मीट के बाद समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में निवेश के लिए हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापनों पर शीघ्र धरातल पर कार्य शुरू करें।
प्रत्येक प्रमुख व्यवसाय समूहों के साथ नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएं। बड़ी परियोजनाओं के लिए भी विशेष समर्पित अधिकारी तैनात किए जाएं। सरकारी और निजी भूमि को मिलाकर भूमि बैंक स्थापित करें। भूमि बैंक के समुचित समन्वय के लिए भी नोडल अधिकारी नियुक्त करें। कहा कि सरकार ने अभी तक 92819 करोड़ के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं।
इनमें 89302 करोड़ के 610 समझौता ज्ञापनों को हिम प्रगति पोर्टल पर अपलोड किया गया है। विदेशी प्रतिनिधियों के साथ समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जाए। संबंधित विभागों को पर्यावरण स्वीकृतियों और धारा 118 की स्थिति के बारे में भी साप्ताहिक रिपोर्ट देने को कहा। सरकारी भूमि को चिन्हित करने और बी2जी बैठकों की नियमित समीक्षा करने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि वांछित परिणामों को प्राप्त करने के लिए सभी अधिकारी पूरी निष्ठा व समर्पण से कार्य करेंगे। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग मनोज कुमार ने इन्वेस्टर मीट के विभिन्न पहलुओं के बारे में प्रस्तुतीकरण दिया।
अतिरिक्त मुख्य सचिव अनिल खाची, राम सुभग सिंह, संजय गुप्ता और आरडी धीमान, प्रधान सचिव प्रबोध सक्सेना, जगदीश शर्मा और केके पंत, सचिव देवेश कुमार, सी पालरासु और अमिताभ अवस्थी, निदेशक पर्यटन यूनुस, निदेशक शहरी विकास ललित जैन, निदेशक आयुर्वेद डीके रतन, विशेष सचिव कृषि राकेश कंवर, विशेष सचिव उद्योग आबिद हुसन सादिक, पर्यटन निगम की प्रबंध निदेशक कुमुद सिंह, निदेशक सूचना एवं जन संपर्क हरबंस सिंह ब्रसकोन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।