फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shimla News: दौड़ने के लिए ट्रैक न खेल मैदान, बिना सुविधा शिमला में कैसे तैयार होंगे एथलीट

विज्ञापन
विज्ञापन
विश्व एथलेटिक्स डे पर विशेष...
विज्ञापन

अभ्यास के लिए ट्रैक न होने के कारण सड़कों पर ही करनी पड़ रही तैयारी
नेशनल तक पहुंचने के बाद पिछड़ रहे खिलाड़ी, सरकार से सुविधाएं बढ़ाने की मांग
अनिल पंवार
शिमला। प्रदेश के गठन के 78 साल बाद भी एथलेटिक्स के लिए सरकार एक भी पेशेवर ट्रैक नहीं बना पाई। प्रदेश की राजधानी में ही खेल सुविधाओं का यह हाल है कि यहां न तो खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए कोई ट्रैक है और न ही खेल मैदान। मजबूरन खिलाड़ी शहर की सड़कों पर ही तैयारी करने को मजबूर हैं। इसके कारण खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पिछड़ रहे हैं। शहर के कई खिलाड़ी नेशनल तक पहुंच रहे हैं लेकिन फिर इससे आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि शिमला में ट्रैक न होने के कारण उन्हें या तो रिज पर या फिर सड़कों पर तैयारी करनी पड़ती है। सड़कों पर तैयारी करते समय हादसे का खतरा रहता है। खिलाड़ियों के अनुसार ऊबड़-खाबड़ सड़कें, ट्रैफिक और ढलानदार रास्तों के कारण अभ्यास प्रभावित होता है। इसके कारण लंबी दूरी और स्प्रिंट की तैयारी करते समय खिलाड़ियों को घुटनों, एड़ी असर पड़ता है। खिलाड़ियों का कहना है कि उचित ट्रैक, ग्राउंड व अन्य सुविधाएं न होने के कारण खिलाड़ी अच्छे से तैयारी नहीं कर पाते हैं। इसके कारण शिमला के खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में पिछड़ जाते हैं। खिलाड़ियों के लिए यदि यहां पर अच्छी सुविधाएं होंगी तो यहां से अच्छे खिलाड़ी निकल सकते हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि सुविधाओं के अभाव के कारण खेल छोड़ने के लिए भी मजबूर हो गए हैं।
किसने क्या कहा
एथलीट विपाशा वर्मा ने कहा कि वह तीन साल से तैयार कर रही हैं। रोजाना सुबह न्यू शिमला से तैयारी करने के लिए रिज पर पहुंचना पड़ता है। यहीं पर प्रैक्टिस करनी पड़ती है। पक्की सड़कों पर चोट का खतरा रहता है। इसके कारण खिलाड़ी अच्छे से तैयारी नहीं कर पाते हैं। बताया कि वह दो बार नेशनल खेल चुकी हैं।
विज्ञापन

ट्रैक न होने के कारण रिज व सड़कों पर करनी पड़ती है तैयारी : ध्रुव
एथलीट ध्रुव शर्मा का कहना है कि शिमला एथलेटिक्स के लिए पेशेवर ट्रैक न होने के कारण खिलाड़ियों को रिज मैदान या सड़कों पर तैयारी करनी पड़ती है। सड़कों पर दौड़ते समय ज्यादातर ध्यान गाड़ियों पर देना पड़ता है। सरकार को शिमला में एक ट्रैक और ग्राउंड बनाना चाहिए ताकि खिलाड़ी अच्छे से तैयारी कर सकें।
विज्ञापन

कोट
शहर में विभाग के पास एथलेटिक्स के लिए ट्रैक की कोई सुविधा नहीं है। शिलारू में एक ट्रैक बना है। यदि तैयारी के लिए किसी खिलाड़ी को वहां परमिशन चाहिए तो विभाग उनको अनुमति देगा।
राकेश धौल्टा, जिला खेल अधिकारी शिमला
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें