हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर की मिट्टी से निकले खिलाड़ी विश्व में अपनी काबलियत का लोहा मनवा चुके हैं। राज्य स्तरीय खेल छात्रावास बिलासपुर ने 17 साल में देश को 100 राष्ट्रीय, तीन अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी दिए हैं।
हॉकी के दिग्गज मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में पूरा भारत आज राष्ट्रीय खेल दिवस मना रहा है। यह दिन राष्ट्र के खेल नायकों और चैंपियनों के देश को गौरवान्वित करने की दिशा में उनके योगदान और समर्पण सम्मान देने का है। हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर की मिट्टी से निकले खिलाड़ी विश्व में अपनी काबलियत का लोहा मनवा चुके हैं। राज्य स्तरीय खेल छात्रावास बिलासपुर ने 17 साल में देश को 100 राष्ट्रीय, तीन अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी दिए हैं।
विज्ञापन
इनमें वर्तमान में 90 फीसदी सरकारी विभागों में कार्यरत हैं। लुहणू में यह छात्रावास साल 2005 में शुरू हुआ था। जब भी देश में कबड्डी खिलाड़ियों पर बात होती है तो प्रियंका नेगी, रितु नेगी और निधि का नाम सामने आता है। इन्होंने स्टेट स्पोर्ट्स हॉस्टल से तैयार होकर विश्व में नाम कमाया है। हॉस्टल ने 17 साल में हैंडबाल, कबड्डी, एथलेटिक्स, बास्केटबाल और हॉकी के कई खिलाड़ी तैयार किए हैं। इन्हें प्रशिक्षण देने के लिए पांच कोच दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। वर्तमान में मनोज ठाकुर राज्य खेल छात्रावास प्रभारी हैं।
कबड्डी के दिए राष्ट्रीय स्तर के सौ और अंतरराष्ट्रीय स्तर के तीन खिलाड़ी
स्टेट स्पोर्ट्स हॉस्टल बिलासपुर से 17 साल में कबड्डी के 100 राष्ट्रीय और तीन अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी निकले हैं। इनमें कई चेहरों को लोग उनके नाम और काम दोनों से पहचानते हैं। इनमें इंस्पेक्टर प्रियंका नेगी, निधि और रितु नेगी प्रमुख हैं। तीनों ऐसे चेहरे हैं, जिन्होंने विश्व स्तर पर कबड्डी से नाम कमाया है। राष्ट्रीय स्तर पर नाम करने वाले स्वीटी, साक्षी, अंजू, डिंपल, शिल्पा, दिया और सुषमा बड़े नाम हैं।
विज्ञापन
राज्य स्तरीय हॉस्टल में खिलाड़ियों का हुनर निखारने के लिए सभी सुविधाएं हैं। एथलेटिक्स को बढ़ावा देने के लिए सिंथेटिक ट्रैक को और बेहतर बनाया जाएगा। खेलों को बढ़ावा देने के लिए खिलाड़ियों को प्रेरित किया जाएगा। हॉस्टल से अभी तक कबड्डी के अलावा हैंडबाल के 65, एथलेटिक्स की 35 लड़कियां और हॉकी के 50 खिलाड़ी निकले हैं। खुद डीवाईएसएसओ, हॉकी कोच प्रदीप कालिया, नवीन, हॉकी के खिलाड़ी के रूप में इसी हॉस्टल से निकले हैं।