अंतरराष्ट्रीय श्री रेणुकाजी मेले में शुक्रवार को बुड़ाह लोक नृत्य प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें बुड़ाह लोकनृत्य दल ऊंचा टिक्कर व सैंज संयुक्त रूप से विजेता रहा। जबकि, पारंपरिक बुड़ाह नृत्य दल घाटों (हानत) ने दूसरा स्थान हासिल किया। जिला भाषा एवं संस्कृति विभाग और श्री रेणुकाजी विकास बोर्ड के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस प्रतियोगिता में जिला के छह दलों ने बुड़ाह लोकनृत्य के साथ वाद्य यंत्रों की धुनों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस नृत्य में ऐतिहासिक वीरगाथाएं, युद्ध गाथाएं व हारुलों का गायन किया गया। इस नृत्य का मुख्य आकर्षण इसकी पोशाक है। इसमें चोला, डांगरा, आभूषण से सुसज्जित लोक गायक, बांसुरी, हुड़क, थाली व दमाऊ आदि वाद्य यंत्रों के साथ झूम-झूमकर गायन व नृत्य की प्रस्तुति दी।