प्रदेश विधानसभा के बाल सत्र में विशेष रूप से उपस्थित राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश नारायण सिंह ने कहा कि गवर्नेंस में युवाओं की भागीदारी बढ़ाना अति आवश्यक है। देश के विकास में युवाओं को अधिक भागीदार बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। बाल सत्र के माध्यम से युवा पीढ़ी को एक नया मंच मिला है। कहा कि आज आधुनिक तकनीक के कारण सामने आ रहीं नई चुनौतियों के लिए तैयार रहने की जरूरत है।
तेजी से बढ़ती दुनिया में चुनौतियों के साथ अवसर भी हैं। इनका दोहन करना आवश्यक है। युवाओं में सभी चुनौतियों का सामना करने का सामर्थ्य है। वे अपनी इन्हीं क्षमताओं से भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हैं। उन्होंने युवाओं से आत्मविश्वास और दृढ़संकल्प के साथ अपनी भूमिका निभाने, समाज को जोड़ने का प्रयास करने और देश को गौरवपूर्ण पथ पर ले जाने के लिए मिलकर कार्य करने की अपील की।
आज के बच्चे कल का भविष्य, इस प्रकार के बाल सत्र अधिक प्रासंगिक : पठानिया
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि प्रदेश के ऐतिहासिक काउंसिल चैंबर में विधानसभा का बाल सत्र करवाया गया। इसके लिए बाल विधायकों का चयन लंबी प्रक्रिया के बाद किया गया। इस प्रक्रिया में देश के 50 हजार से अधिक बच्चों ने भाग लिया। चयनित अधिकांश बच्चे सरकारी स्कूलों से चुने गए हैं।
उन्होंने बाल सत्र के लिए चयनित मुख्यमंत्री जाह्नवी और अन्य कैबिनेट मंत्रियों व विधायकों को बधाई दी। कहा कि नीति निर्धारण में समाज के सभी वर्गों का सहयोग आवश्यक है। आज के बच्चे कल का भविष्य हैं। विधानसभा सदन व संसद के माध्यम से कानून आने वाले कल के दृष्टिगत ही बनाए जाते हैं, इसलिए इस प्रकार के बाल सत्र अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं।