शिमला। ज्येष्ठ अधिक मास पूर्णिमा 31 मई को मनाई जाएगी। इसे पुरुषोत्तम पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। यह दिन भगवान विष्णु की आराधना, पवित्र स्नान और दान-पुण्य के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। राधा-कृष्ण मंदिर के पुजारी उमेश नौटियाल ने बताया कि पूर्णिमा तिथि शनिवार को सुबह 11:57 बजे से शुरू होकर 31 मई रविवार को दोपहर 2:14 बजे समाप्त होगी। इस पूर्णिमा का विशेष महत्व है क्योंकि यह अधिक मास में पड़ रही है। अधिक मास को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है जो भगवान विष्णु को समर्पित हैं। इस दौरान किए गए धार्मिक कार्यों का फल कई गुना अधिक मिलता है। पूर्णिमा के दिन पूजा का शुभ समय सुबह 7:08 बजे से दोपहर 12:19 बजे तक रहेगा। इस अवधि में श्रद्धालु विशेष पूजा-अर्चना कर सकते हैं। श्रद्धालु इस दिन गंगा, यमुना जैसी पवित्र नदियों में डुबकी लगाते हैं। स्नान के बाद भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की जाती है।