हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष के पद से इस्तीफा देने के बाद डॉ. राजीव बिंदल ने विधानसभा की कई उपलब्धियां गिनाईं। बिंदल ने कहा कि दो वर्ष में विधानसभा की दृष्टि से जो काम किए जा सकते थे, उसमें आशातीत सुधार करने का प्रयास किया गया है। विधानसभा के परिसर को देखा जाए तो सैकड़ों लोग यहां मुख्यमंत्री और मंत्रियों को मिलने आते थे। उन्होंने कहा कि यह बेहतरीन स्थान बना है। इस बात का गर्व है कि दो साल के अंदर अनेक ऐसे विषय रहे। नियम 61 और 63 में मुद्दे रखे गए।
पिछली विधानसभाओं के दो-दो वर्षों से तुलना की तो 11वीं और 12वीं विधानसभा की तुलना में दोगुने से अधिक मुद्दे लगे। पूर्व में विधानसभा अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल ने ई-विधान शुरू किया। इसे आगे बढ़ाया। अब एक नई भूमिका में जाने के लिए त्यागपत्र दिया है। विधानसभा के सदस्यों सीएम जयराम ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, संसदीय कार्यमंत्री सुरेश भारद्वाज समेत विधानसभा के तमाम अधिकारियों और कर्मचारियों का धन्यवाद किया। डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि नई भूमिका के बारे में 18 जनवरी को ही बात की जाएगी।
वहीं, बतौर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती का कार्यकाल अब कुछ ही घंटे शेष बचा है। कल प्रदेश भाजपा को नया अध्यक्ष मिल जाएगा। वीरवार को सत्ती ने अपना कार्यकाल खत्म होने के एक दिन पहले ऊना स्थित अपने कार्यालय में कामकाज निपटाया। यह मौका उनके लिए भावुक होने वाला था।
मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में सत्ती ने अध्यक्ष पद से हटने के बाद अपनी अगली भूमिका के सवाल पर कहा कि भाजपा में वर्षों तक काम करने का अवसर मिला। सभी नेताओं व कार्यकर्ताओं ने काफी मेहनत से काम किया, जिसका नतीजा यह रहा है कि प्रदेश में भाजपा के अच्छे परिणाम रहे।
इसका श्रेय सब कार्यकर्ताओं व नेताओं को देता हूं। सत्ती ने कहा कि आगे मेरी क्या भूमिका रहेगी, यह पार्टी व पार्टी के नेताओं को तय करना है।
उन्होंने कहा कि भाजपा तीन वर्षों बाद बूथ स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक अपने अध्यक्ष चुनती है। लोकतांत्रिक प्रक्रिया से फार्म भरे जाएंगे। हिमाचल प्रदेश में मंडल व जिला के चुनाव संपन्न हो चुके हैं। प्रदेश अध्यक्ष चुनाव के लिए 17 को नामांकन होगा, जबकि 18 को अध्यक्ष चुना जाएगा। इसके बाद नए प्रदेशाध्यक्ष के नेतृत्व में भाजपा कार्य करेगी और सभी सहयोग करेंगे।
कोई भी भर सकता है नामांकन
डा. राजीव बिंदल के अलावा किसी अन्य के नामांकन के सवाल पर सत्ती ने कहा कि केंद्रीय हाईकमान पर्यवेक्षक भेजती है और फार्म भरवाने का जिम्मा उन्हीं का होता है। हम स्वयं नामांकन प्रक्रिया के दौरान उपस्थित रहेंगे और प्रदेश का नेतृत्व उपस्थित रहेगा। भाजपा लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव करवाती है। इसमें कोई भी नामांकन भर सकता है।