शिमला। राजधानी में दिवाली से तीन दिन पहले ही आतिशबाजी शुरू हो गई है। पटाखों की आवाज का जानवरों पर गलत
असर पड़ता हैै। पशु चिकित्सक, पशु अधिकार कार्यकर्ता और बचावकर्ता डॉक्टर राजेश्वरी ठाकुर ने कहा कि दिवाली के दौरान पटाखे छोड़ने से होने वाले तेज शोर के कारण शिमला में पालतू जानवरों की मौत के कई मामले सामने आए हैं। इसका कुत्तों और बिल्लियों पर ज्यादा असर होता है। पटाखों से सदमे के कारण उनके दिल की धड़कन बंद हो जाती है जिससे जानवरों की असामयिक मृत्यु हो जाती है। आवारा जानवर पटाखों से दूर भागते हुए कई बार वाहनों के नीचे आ जाते हैं।