हिमाचल के प्रसिद्ध मंदिरों चिंतपूर्णी, नयनादेवी और मां बाला सुंदरी से प्रतिदिन निकलने वाले किचन वेस्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने नई कवायद शुरू की है। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर तीनों मंदिरों सहित प्रदेश के कुल दस स्थानों पर लघु शहरी ठोस कचरा प्रबंधन फैसिलिटी स्थापित किए जाएंगे।
इन सभी इकाइयों में प्रतिदिन पचास किलो से लेकर पांच टन तक कचरे के निस्तारण की क्षमता होगी। विभाग ने दस फैसिलिटी स्थापित करने के लिए उपयुक्त एजेंसियों के टेंडर भी आमंत्रित कर लिए हैं। विभाग के निदेशक ने बताया कि पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तौर पर इन इकाइयों को दस साल के लिए स्थापित किया जाएगा।
इसके बाद प्रोजेक्ट के निष्पादन के आधार पर अवधि को बढ़ाया जाएगा। बताया कि जिन स्थानों पर यह फैसिलिटी स्थापित की जानी हैं, उनमें तीनों मंदिरों के अलावा नगर निकाय ठियोग, नगर पंचायत अर्की, नगर पंचायत नारकंडा, नगर पंचायत कसोल, ग्रांम पंचायत धर्मपुर, क्लस्टर बामसन और क्लस्टर बंगाणा शामिल हैं।