इसके तहत 20 हजार मेगावाट क्षमता के दोहन का लक्ष्य रखा गया था। अब इसे बढ़ाकर 1,75,000 मेगावाट किया गया है। वर्ष 2021 -22 तक इस लक्ष्य को पूरा कर लिया जाएगा।
कुल लक्ष्य में 40 हजार मेगावाट छत पर स्थापित किए जाने वाले सौर ऊर्जा संयंत्रों के माध्यम से प्राप्त किया जाना है। भवनों की छतों पर ग्रिड से जुड़े सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना से विद्युत उपभोक्ता अपने घर को पावर हाउस बना सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा नीति के अनुसार ग्रिड से जुड़े सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना निजी भूमि या बंजर भूमि, सरकारी भूमि पर भी की जा सकती है। मंत्री के आश्वासन के बाद विधायक ने अपने संकल्प को वापस ले लिया।