ऐसे में प्रदेश सरकार हर वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर प्रयास कर रही है। इसके तहत विभाग ऊंचाई वाले स्थानों पर जमी बर्फ को पिघलने से बचाने पर काम कर रहा है।
कोशिश की जा रही है कि बर्फ को वैज्ञानिक तरीके से संरक्षित किया जाए ताकि गर्मी में जब जल संकट हो, उस समय उस बर्फ का इस्तेमाल पीने के पानी के लिए प्रयोग किया जा सके।
विभागीय सूत्रों के अनुसार इस काम में केंद्रीय रक्षा एजेंसी डीआरडीओ तकनीकी सहयोग दे रहा है। सूत्रों का कहना है कि अगले साल से इस प्रोजेक्ट का असर दिखना शुरू हो सकता है।