हिमाचल सरकार ने सांप के काटने की घटनाओं को प्रदेश में नोटिफायबल डिजीज’ घोषित कर दिया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की सचिव एम सुधा ने सोमवार को इसकी अधिसूचना जारी की। केंद्र के नेशनल एक्शन प्लान फॉर प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ स्नेकबाइट एनवेनमिंग के तहत यह फैसला लिया गया है। प्रदेश के अब सभी सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थान, मेडिकल कॉलेज और पंजीकृत चिकित्सकों को सांप काटने के संदिग्ध, संभावित और पुष्ट मामलों के अलावा मृत्यु की जानकारी देनी होगी।
सरकार का उद्देश्य प्रदेश में सांप के काटने के मामलों की प्रभावी निगरानी करना है, ताकि घटनाओं का सही आकलन किया जा सके। इसके माध्यम से उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान करने, संसाधनों की बेहतर तैनाती और उपचार प्रणाली को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, समय पर रिपोर्टिंग से मौतों के कारणों का विश्लेषण किया जा सकेगा। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में सांप काटने से होने वाली मृत्यु दर को कम करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।