दोनों दिनों में अच्छा प्रदर्शन करने पर ही उन्हें अंक मिलेंगे। हालांकि स्की के दौरान गिरने या अच्छा प्रदर्शन न होने पर अंक कम मिलते हैं। ऐसे में एक-एक दिन क्वालिफाइंग रेस के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
विंटर ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए हिमांशु कड़ी मेहनत कर रहे हैं। ईरान के लिए सही समय पर अगर उन्हें वीजा मिल जाता तो वह आज की रेस में भी शामिल हो सकते थे।
इधर, हिमांशु के पिता रोशन ठाकुर ने बताया कि आज और कल बेटा हिमांशु रेस में भाग लेगा और हुनर का प्रदर्शन करेगा। कहा कि हिमांशु लगातार अपने मिशन में लगा हुआ है। हिमांशु के पिता को उम्मीद है कि उसकी मेहनत रंग लाएगी और बेटी आंचल की तरह वह भी देश का नाम रोशन करेगा।