मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि आज का दिन देश के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की आधी जनसंख्या को सुविधाजनक, पर्यावरण अनुकूल और सस्ती प्राकृतिक गैस उपलब्ध करवाने के लिए इस परियोजना का शिलान्यास किया है।
उन्होंने कहा कि आईओएजी सिरमौर, सोलन और शिमला जिलों में गैस वितरण नेटवर्क विकसित करेगी, जबकि बिलासपुर, हमीरपुर और ऊना जिलों में यह कार्य भारत गैस रिसोर्सेज लिमिटेड की ओर से किया जाएगा।
इससे बढ़ते वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने और जनस्वास्थ्य में सुधार लाने में मदद मिलेगी। आने वाले वर्षों में निवेश की संभावनाएं और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
इंडियन ऑयल निगम लिमिटेड और आईओएजी की सहायता से चंडीगढ़ के साथ-साथ प्रदेश के परवाणू, बरोटीवाला और बद्दी में शहरी गैस वितरण प्रणाली विकसित की जा रही है। आईओएजी के निदेशक विपणन गुरमीत सिंह ने शहरी गैस वितरण परियोजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले मंत्री किशन कपूर, महापौर कुसुम सदरेट, प्रदेश सरकार और आईओएजी के वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बताया कि कोयला एवं अन्य ईंधनों की तुलना में प्राकृतिक गैस उत्कृष्ट है। प्राकृतिक गैस पेट्रोल की तुलना में 60 प्रतिशत और डीजल की तुलना में 40 प्रतिशत सस्ती है। इसी प्रकार पीएनजी के रूप में एलपीजी की बाजार दर की तुलना में 40 प्रतिशत सस्ती है।
हिमाचल में रसोई गैस को सीधा घरों तक पहुंचाने की महत्वाकांक्षी परियोजना का वीरवार ऊना से विधिवत शुभारंभ हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली से सीजीडी (शहरी गैस वितरण) परियोजना की आधारशिला रखी।
इस योजना के तहत पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) को पाइपलाइन के जरिये घराें तक पहुंचाया जाना है। वहीं, ऊना में सांसद अनुराग ठाकुर ने नेटवर्किंग का कार्य शुरू कराया।
सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा आमजन के हित में उठाया गया यह बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक गैस को 21वीं शताब्दी के ईंधन के रूप में देखा जाता है।