पीड़ित युवती 2018 में अपने भाई के साथ पढ़ाई करने शिमला आई। युवती ने राजधानी के एक प्रतिष्ठित कॉलेज में प्रवेश लिया, लेकिन परीक्षाओं की तैयारियों के लिए युवती ने कुछ महीनों बाद कॉलेज की पढ़ाई बीच में छोड़ दी। इसी बीच पीड़ित युवती एक शैक्षणिक संस्थान में प्रवेश लेकर नीट की तैयारी कर रही थी। 28 अप्रैल को युवती से चलती कार में दुष्कर्म हो गया।
एक मई को पुलिस ने किया दावा, नहीं मिले अपहरण के सबूत
एक मई को पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर युवती के अपहरण के सुबूत नहीं मिलने का दावा किया और युवती के आरोपों को निराधार बताया। इसी बीच 2 मई को चश्मदीद के सामने आने से इस मामले में नया मोड़ आया। उसने पीड़ित युवती को वारदात के बाद आपत्तिजनक हालत में देखा था।
महिला आयोग ने एसपी को रिपोर्ट तलब करने के दिए निर्देश
तीन मई को राज्य महिला आयोग ने पुलिस अधीक्षक शिमला को नोटिस जारी कर एक हफ्ते में मामले की रिपोर्ट तलब करने के निर्देश दिए। 4 मई को हरियाणा महिला आयोग ने भी कड़ा संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक शिमला से मामले की रिपोर्ट तलब करने के निर्देश दिए थे।
एसआईटी अभी तक ढली, भट्ठाकुफर और मल्याणा के आसपास के क्षेत्रों की गाड़ियों की शिनाख्त कर रही है। इसके अलावा 28 अप्रैल को घटना वाले दिन ढली क्षेत्र से कौन-कौन सी गाड़ियां गुजरीं, इसकी भी पुलिस शिनाख्त में जुटी है। पुलिस तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से मामले की तहकीकात कर रही है। इसके अलावा वारदात के दिन घटनास्थल में सक्रिय मोबाइल नंबरों की भी एसआईटी छानबीन कर रही है।
पुलिस की लापरवाही मामले की जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई में देरी
बेशक इस युवती से हुए दुष्कर्म का मामला अभी छानबीन से ही गुजर रहा हो, मगर लक्कड़ बाजार चौकी में पुलिस की लापरवाही के आरोपों की जांच रिपोर्ट 24 घंटे में तलब किए जाने के बावजूद सरकार कार्रवाई में देरी कर रही है। सरकार ने इस मामले पर अलग से मजिस्ट्रीयल जांच बैठाते हुए इसकी रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर तलब की थी। मगर 24 घंटे बीत जाने के बाद 24 घंटे और बढ़ा दिए गए। अब दूसरा सताह शुरू होने के बावजूद सरकार ने इस रिपोर्ट को न तो सार्वजनिक किया है और न ही इस पर कार्रवाई ही की है।