खंड विकास अधिकारी रवि जोशी ने बताया कि कुछ दिन पहले उन्हें एक शिकायत पत्र मिला था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि पंचायत के कुछ लोगों ने प्रथम चरण के पंचायत चुनाव में अन्य स्थान पर मतदान किया था और अब वे इस पंचायत में भी वोट डाल सकते हैं। इसी के चलते बीडीओ कार्यालय की ओर से प्रिजाइडिंग ऑफिसर को निर्देश जारी किए गए थे कि चिह्नित मतदाताओं की उंगली पर स्याही का निशान जांचा जाए। यदि स्याही का निशान न हो तो भी संबंधित मतदाता को यह जानकारी दी जाए कि यदि उसने पहले कहीं और मतदान किया है और फिर दोबारा वोट डालता है, तो उसे छह माह तक की सजा हो सकती है। बताया जा रहा है कि जैसे ही ओम प्रकाश शर्मा ने उक्त पत्र पढ़कर सुनाना शुरू किया, तभी महिला मतदाता के पति ने आदेश पत्र हाथ से छीनकर बाहर फेंक दिया। हालांकि बाद में दोनों पक्षों में समझौता होने से मामला शांत हो गया।