मैच के लिए जनरेटर मंगवाकर करवाया पानी का छिड़काव
मेरा गांव मेरा देश संस्था के निदेशक अनुराग गुप्ता, अध्यक्ष पुष्पा खंड्जा, जाफर अली और लक्ष्मी चंद अत्री ने बताया कि पिछले उत्तर भारत हॉकी प्रतियोगिता के दौरान पानी के छिड़काव के लिए जनरेटर का सहारा लेना पड़ा। मैदान पर अस्थायी रूप से पानी का छिड़काव किया जा रहा है।
क्या कहते हैं हॉकी विशेषज्ञ
सेवानिवृत्त हॉकी कोच चंद्रशेखर का कहना है कि बिना पानी छिड़काव के टर्फ पर खेलने से खिलाड़ियों के चोटिल होने का खतरा बढ़ जाता है। गेंद पर नियंत्रण कठिन हो जाता है। खेल की गति धीमी हो जाती है। मैदान के तापमान में वृद्धि के कारण खिलाड़ियों में निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) और स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होती है। पानी का छिड़काव न होने से एस्ट्रोटर्फ मैदान के शीघ्र खराब होने की आशंका भी रहती है।