आईएएस में नंबर आने के बावजूद पुलिस सेवा में जाने के जुनून ने मनु महाराज को एक आईपीएस अधिकारी बना दिया। 2005 बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी मनु महाराज ने भर्ती घोटाले में एक आईएएस अधिकारी को गिरफ्तार किया था।
एनआईटी हमीरपुर में शनिवार को दूसरे दिन सिल्वर जुबली रीयूनियन कार्यक्रम में बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी मनु महाराज की उपलब्धियों ने खूब वाहवाही बटोरीं। मूलत: चंबा से संबंध रखने वाले मनु महाराज ने एनआईटी हमीरपुर से वर्ष 1998 में बीटेक करने के बाद संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण की। आईएएस में नंबर आने के बावजूद पुलिस सेवा में जाने के जुनून ने मनु महाराज को एक आईपीएस अधिकारी बना दिया। 2005 बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी मनु महाराज ने भर्ती घोटाले में एक आईएएस अधिकारी को गिरफ्तार किया था।
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नक्सल प्रभावित क्षेत्र में चलाए ऑपरेशन ने भी उन्हें खूब पहचान दी। इस तरह अन्य पूर्व छात्र जो नामी कंपनियों में सेवाएं दे रहे हैं, ने भी अपने पुरानी यादों को एक-दूसरे के साथ साझा किया। कार्यक्रम में दुनिया भर के अलग-अलग कोने में रह रहे संस्थान के पूर्व छात्रों ने पुराने पलों को याद किया। एनआईटी हमीरपुर के निदेशक प्रो. एचएम सूर्यवंशी कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित रहे। अनेक छात्र अपने परिवार के सहित 25 साल के अंतराल के बाद एनआईटी में लौटे। निदेशक ने संस्थान की उपलब्धियों के बारे में बताया।
किन्नौरी की भी प्रस्तुति
सिल्वर जुबली में गीत, नृत्य और कविताएं पेश की गईं। किन्नौरी नाटी प्रस्तुति दी गई। बलवंत नेगी और उनकी पत्नी, पूर्व छात्रों के बच्चों ने भी नवीनतम गीतों पर नृत्य करके डांस फ्लोर पर धूम मचा दी। पूर्व छात्रों ने विभिन्न विचार भी सामने रखे। जिनके माध्यम से वे अपने मातृ संस्थान और साथियों की मदद कर सकते हैं। इसके बाद पूर्व छात्रों को पारंपरिक हिमाचली धाम की दावत दी गई, जो सभी को पसंद आई।