शिमला। राजधानी के गंज बाजार स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में श्रीराम कथा के तीसरे दिन शुक्रवार को प्रभु श्रीराम के आदर्श जीवन और मर्यादा का वर्णन किया गया। शाम 4 बजे शुरू हुई कथा में कथावाचक उमाकांत शास्त्री ने बताया कि भगवान श्रीराम का संपूर्ण जीवन मानव समाज के लिए आदर्श है। कथा व्यास ने कहा कि राजमहलों के सभी सुख-सुविधाओं का त्याग कर भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण ने माता-पिता के वचनों की रक्षा के लिए वनवास स्वीकार किया। उनका त्याग, समर्पण और धर्म के प्रति अटूट निष्ठा प्रत्येक व्यक्ति के लिए प्रेरणास्रोत है। संवाद