हिमाचल प्रदेश में हिमफेड के विक्रय केंद्रों में 15-15-15 खाद न मिलने से सेब बागवानों में भारी आक्रोश है। इन दिनों सेब के बगीचों में खाद डालने का समय है और हिमफेड के गोदाम खाली हैं। सूबे में हिमफेड को 975 मीट्रिक टन खाद की आपूर्ति करनी है, लेकिन खाद नहीं आने से बागवान हिमफेड के केंद्रों से खाली हाथ लौट रहे हैं। प्रदेश में खाद के इस संकट से मंडी, कुल्लू, किन्नौर, शिमला जिले के बागवान परेशान हैं।
बागवानों का कहना है कि जब भी खाद और दवाइयां डालने का समय आता है, बागवानी विभाग के विक्रय केंद्रों में इनका टोटा रहता है। बागवान इन दिनों प्रूनिंग का काम पूरा कर चुके हैं और अब अच्छी फ्लावरिंग के लिए पौधों को खाद की जरूरत है। मंडी जिले के जंजैहली, थुनाग, बगस्याड, छतरी, भाटकीधार, बागाचनोगी, थाची, पंजाई, सलाहर, जहल, धंग्यारा, सरोआ, बाढू, घीड़ी, रोहांडा, सकोहर, थमाड़ी, पंडार, चरखडी, चुराग और करसोग में बागवान 15-15-15 खाद की मांग कर रहे हैं।
नाचन फल सब्जी उत्पादक संघ के प्रधान बीके ठाकुर, उपप्रधान प्रेम ठाकुर ने बताया कि सरकार जल्द बागवानों को खाद उपलब्ध करवाए। हिमफेड के एरिया मैनेजर केके भारद्वाज ने बताया कि खाद की सप्लाई करने वाले अधिकृत ट्रांसपोर्टर की मौत होने के बाद नए ट्रांसपोर्टर को टेंडर देने की प्रक्रिया चल रही है। इस कारण खाद पहुंचने में देरी हुई है।
खाद की आपूर्ति केंद्र सरकार करती है। खाद की ढुलाई का काम जिस ट्रांसपोर्टर को दिया था, उसकी मौत होने के कारण समस्या आई है। नई व्यवस्था के साथ ही जल्द खाद की आपूर्ति हो जाएगी।
- गणेश दत्त, अध्यक्ष, हिमफेड