टाउन हॉल हमीरपुर में आयोजित जिलास्तरीय पंचायती राज सम्मेलन में पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल बतौर मुख्यातिथि शिरकत करने आए थे। टाउन गेट पर पहुंचने पर ढोलियों ने ढोल बजाकर उनका स्वागत किया। पूर्व मुख्यमंत्री के मंच पर बैठने के बाद जब ढोलियों ने ढोल बजाना बंद नहीं किया तो मुख्यातिथि ने शगुन के रूप में रुपये देने के लिए अपनी जेब में हाथ डाला।
इस दौरान उनकी जेब से 500 रुपये का नोट निकला। धूमल ने मंच पर उनके साथ बैठे जिला परिषद के अध्यक्ष राकेश ठाकुर को यह 500 रुपये का नोट ढोलियों को पकड़ाने के लिए दे दिया। ढोलियों ने रुपये लेने के बाद ढोल बजाना बंद किया। कार्यक्रम में इस घटनाक्रम की खूब चर्चा होती रही और लोगों ने ठहाके लगाए।
कालाधन, जाली नोट और आतंक के खिलाफ मोदी का मास्टर स्ट्रोक
नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने केंद्र सरकार सरकार के फैसले को एतिहासिक बताया है। उन्होंने 500 और 1000 के नोट बंद करने के फैसले को कालाधन, जाली नोट व आतंकवाद के खिलाफ प्रधानमंत्री के फैसले को मास्टर स्ट्रोक करार दिया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि काले धन और जाली नोटों की समस्या से पूरा देश प्रभावित हो रहा था।
कालेधन व नकली नोटों से एक समानांतर अर्थव्यवस्था के खड़ी होने से देश का आर्थिक विकास की गति को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ आतंकवाद व भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा था। इससे निजात पाने के लिए अति आवश्यक था कि देशहित में इस तरह का कड़ा निर्णय लिया जाता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस निर्णय से यह दर्शा दिया है कि उनकी कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है।
कांग्रेस ने छीना पंच-परमेश्वरों का सम्मान: धूमल
नगर परिषद हमीरपुर के टाउन हाल में जिला स्तरीय पंचायती राज सम्मेलन में पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने वर्तमान पंच-परमेश्वरों के अधिकार छीन लिए। अगर जनप्रतिनिधि अधिकारहीन होंगे तो विकास कैसे होगा। उन्होंने कहा कि 2013 में सत्ता में आते ही कांग्रेस सरकार ने हमीरपुर से जायका का मुख्यालय अन्यत्र स्थानांतरित करने का प्रस्ताव डाला था।
हिमुडा का सर्कल ऑफिस हमीरपुर से धर्मशाला में स्थानांतरित किया, प्रिंसिपल सीसीएफ वाइल्ड लाइफ का दफ्तर हमीरपुर से बदला, 2003 में जंगलबैरी से आईआरबी की बटालियन हमीरपुर से छीन ली। धूमल ने कहा कि जब प्रदेश में भाजपा सरकार थी तो हमीरपुर के जंगलबैरी, सिरमौर और बिलासपुर के नैनादेवी में महिला पुलिस बटालियन स्थापित की। जंगलबैरी और नैनादेवी में तो भवन बन चुके हैं लेकिन सिरमौर में 70 करोड़ मंजूर होने के बावजूद भवन निर्माण नहीं हो पाया।
उन्होंने पंचायत चुनाव में महिलाओं के 50 फीसदी आरक्षण को अहम बताते हुए पंचायत प्रतिनिधियों से पंचायतों में नशे, गबच्चों की अच्छी परवरिश, स्वच्छता, बेटियों के संरक्षण, गउओं को बचाने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार में 13वें वित्तायोग के बजट का 50 फीसदी जिला परिषद, 30 फीसदी बीडीसी और 20 फीसदी पंचायतों को आवंटित किया गया लेकिन वर्तमान सरकार जिप और बीडीसी सदस्यों के साथ भेदभाव कर रही है।
इस मौके पर महंत अभिषेक गिरि ने विशेष रूप से भाग लिया। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एवं देहरा के विधायक रविंद्र सिंह रवि, जिला परिषद अध्यक्ष राकेश ठाकुर, उपाध्यक्ष चौधरी चंदू लाल, पीनबी हैड सुबोध काला, सेवानिवृत्त उपनिदेशक कृषि डॉ. अलबेल सिंह, वीना कपिल, दड़ूही की प्रधान ऊषा बिरला, अणु के प्रधान सुरेंद्र मिन्हास, विजयपाल सिंह सोहारू मौजूद रहे।