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बर्फानी तेंदुआ के संरक्षण में शिव कुमार को राष्ट्रीय पुरस्कार

Sun, 23 May 2021 12:30 PM IST
Krishan Singh अशोक राणा, अमर उजाला, केलांग (लाहौल-स्पीति)

सार

वन मंडल लाहौल में बतौर वनरक्षक तैनात शिव कुमार पिछले 11 सालों से वन्य जीव संरक्षण के लिए काम कर रहे हैं। ट्रैप कैमरों से शिव कुमार लाहौल घाटी के विभिन्न हिस्सों में करीब 15 बर्फानी तेंदुओं को अपने कैमरे में कैद कर चुके हैं।
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शिव कुमार को राष्ट्रीय पुरस्कार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति के शिव कुमार ने 5वां राष्ट्रीय बायो डाइवर्सिटी अवार्ड जीतकर हिमाचल का नाम रोशन किया है। इस प्रतिष्ठित अवार्ड के लिए देश भर से 100 से अधिक आवेदन आए थे। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडे़कर और राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो ने शनिवार को वेबिनार के जरिये इस अवार्ड की घोषणा की। वन मंडल लाहौल में बतौर वनरक्षक तैनात शिव कुमार पिछले 11 सालों से वन्य जीव संरक्षण के लिए काम कर रहे हैं। ट्रैप कैमरों से शिव कुमार लाहौल घाटी के विभिन्न हिस्सों में करीब 15 बर्फानी तेंदुओं को अपने कैमरे में कैद कर चुके हैं। 

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वन्य जीव संरक्षण को लेकर देश की प्रतिष्ठित पत्रिका में शिव कुमार के रिसर्च वर्क प्रकाशित हो चुके हैं। बर्फानी तेंदुआ के संरक्षण पर चल रहे प्रोजेक्ट स्नो लैपर्ड में भी शिव अहम भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा लाहौल-स्पीति में पक्षियों की करीब 172 प्रजातियों की पहचान कर इसे बाकायदा डॉक्यूमेंट कर चुके हैं। शिव कुमार हिमाचल के पहले ऐसे शख्स हैं, जिन्हें बायो डाइवर्सिटी कंजर्वेशन पर राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। सीएम जयराम ठाकुर और मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने शिव कुमार को बधाई दी है। 

तोग चंद को मिला विशेष आलेख पुरस्कार
 राष्ट्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने शनिवार को भारत जैव विविधता पुरस्कार-2021 के लिए लाहौल क्षेत्र के अद्वितीय जैविक संसाधनों के संरक्षण पर तोग चंद के कार्य को पालतू प्रजातियों के संरक्षण के तहत विशेष उल्लेख पुरस्कार से सम्मानित किया है। जैविक संसाधनों के संरक्षण पर उनके कार्य को राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण, चेन्नई की ओर से स्वीकार किया गया है जो भारत सरकार का एक राष्ट्रीय स्तर का संस्थान है। इस अवसर पर वस्तुत: आयोजित समारोह में केंद्रीय मंत्रालय ने पुरस्कार की घोषणा की थी।

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