हिमाचल की राजधानी शिमला भी मोदी की स्मार्ट सिटी बनने जा रही है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को देश के 100 शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए काम शुरू करने के प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है, जिसके लिए केंद्र ने बजट का भी प्रावधान कर दिया है। इस फैसले के बाद स्थानीय स्तर पर भी तेजी से काम शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले के अनुसार प्रत्येक स्मार्ट सिटी को बनाने के लिए पांच साल तक वित्तीय मदद दी जाएगी। एक साल में केंद्र की ओर से 100 करोड़ रुपये का फंड जारी किया जाएगा। इसके जरिये स्मार्ट सिटी में पेयजल, सफाई, ठोस कचरा प्रबंधन, गरीबों के लिए घर, परिवहन सेवाएं बेहतर करने, आईटी कनेक्टिविटी, ई गवर्नेंस, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और पर्यावरण पर ठोस काम किया जाना है।
हिमाचल से सिर्फ शिमला ही चयनित
इसके लिए केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की ओर से गाइड लाइन तैयार किया जा चुका है। सूत्रों का कहना है कि मोदी की ओर से देश में जो 100 स्मार्ट सिटी बननी हैं, उस सूची में हिमाचल प्रदेश के केवल शिमला को ही रखा गया है। ऐसे में केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले से हिमाचल प्रदेश को भी एक बड़ी उम्मीद जगी है कि केंद्र की मदद से शिमला को बेहतर बनाने में आसानी होगी।
प्रदेश शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा का कहना है कि प्राथमिक सूचना के अनुसार शिमला को 100 स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल किया जा रहा है, लेकिन अभी तक अधिकारिक तौर पर कोई सूचना नहीं मिली है। हालांकि इस कदम से शिमला को और सुंदर शहर बनाने में मदद मिलेगी।
मुफ्त वाईफाई वाला पहला शहर बनेगा जोगिंद्रनगर : वीरभद्र
वहीं, मंडी जिले के सात दिवसीय प्रवास के पहले दिन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बुधवार को जोगिंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत के विकासात्मक कार्यों का शिलान्यास और उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जोगिंद्रनगर प्रदेश का पहला मुफ्त वाईफाई सुविधा वाला शहर बनेगा।
पूरे शहर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने नगर पंचायत जोगिंद्रनगर को नगर परिषद का दर्जा देने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि नगर परिषद वाईफाई और सीसीटीवी कैमरा परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए नोडल एजेंसी होगी।
वीरभद्र सिंह ने कहा कि नेरचौक स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज कम अस्पताल को चलाने के लिए प्रदेश सरकार तैयार है। सरकार के प्रयासों से राज्य को केंद्र सरकार से तीन और राष्ट्रीय उच्च मार्गों की सैद्धांतिक मंजूरी मिली है।
भाजपा करती है श्रेय लेने की राजनीति
भाजपा पर प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा केवल विकास का श्रेय लेने का प्रयास करती है। उन्होंने विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं की नाम पट्टिकाएं हटाने की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इन्हें हटाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस मौके पर सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री विद्या स्टोक्स और स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने भी संबोधित किया। कौल ने कहा कि बिलासपुर में एम्स स्थापित किया जा रहा है। नाहन, चंबा और हमीरपुर में तीन चिकित्सा महाविद्यालय खोले जा रहे हैं।
टांडा और आईजीएमसी को सुपर स्पेशिलिटी केन्द्रों के तौर पर विकसित किया जा रहा है। इस मौके पर मंत्री प्रकाश चौधरी, सुधीर शर्मा, पूर्व विधायक सुरेंद्र पाल ठाकुर, नगर पंचायत जोगिंद्रनगर के उपाध्यक्ष अजय धरवाल, जिला कांग्रेस अध्यक्ष पूर्ण चंद ठाकुर, मुख्यमंत्री के ओएसडी अमित पाल सिंह आदि भी मौजूद रहे।