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शिमला: पर्यटन निगम कर्मचारी संघ ने खोला मोर्चा, चेयरमैन को पद से हटाने की उठाई मांग

Thu, 24 Sep 2026 04:49 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

 पर्यटन विकास निगम कर्मचारी महासंघ (भारतीय मजदूर संघ) ने पर्यटन निगम के चेयरमैन रघुवीर सिंह बालीको पद से हटाने की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि 1 अक्तूबर तक चेयरमैन को नहीं हटाया गया और कर्मचारियों के खाते में वेतन नहीं आया तो प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू किए जाएंगे। 
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पर्यटन निगम कर्मचारी संघ पदाधिकारी। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम कर्मचारी महासंघ (भारतीय मजदूर संघ) ने पर्यटन निगम के चेयरमैन रघुवीर सिंह बालीको पद से हटाने की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि 1 अक्तूबर तक चेयरमैन को नहीं हटाया गया और कर्मचारियों के खाते में वेतन नहीं आया तो प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू किए जाएंगे। इस दौरान चेयरमैन को काले झंडे दिखाने और पुतले फूंकने की चेतावनी दी गई है। गुरुवार को शिमला में प्रेस वार्ता में भारतीय मजदूर संघ के अध्यक्ष मदन राणा, उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा, वीरेंद्र चोपड़ा और यशपाल हेटा ने निगम की वित्तीय स्थिति और कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। मदन राणा ने कहा कि सितंबर के 25 दिन बीतने के बावजूद कर्मचारियों और दिहाड़ीदारों को वेतन नहीं मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि चेयरमैन अपने दायित्वों का निर्वहन करने में विफल रहे हैं।

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संघ ने निगम के परिवहन बेड़े और संपत्तियों को लेकर भी सवाल उठाए
संघ ने निगम के परिवहन बेड़े और संपत्तियों को लेकर भी सवाल उठाए। मदन राणा के अनुसार निगम की 70 बसों में से अब केवल दो बसें चलने की स्थिति में हैं। रोहड़ू से मनाली तक निगम की संपत्तियां बेचे जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के मेडिकल बिल तक लंबित हैं। आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्तियों पर भी संघ ने सवाल उठाए। आरोप लगाया कि करीब 500 आउटसोर्स कर्मचारियों में से 200 चेयरमैन के विधानसभा क्षेत्र से लगाए गए हैं। संघ का दावा है कि इनमें से कुछ को बिना प्रशिक्षण के जिम्मेदारियां दी गई हैं और वरिष्ठ कर्मचारियों के लिए निर्धारित आवास भी उन्हें उपलब्ध करवाए गए हैं।
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होटलों के जीर्णोद्धार की नीति पर भी उठे सवाल
मदन राणा ने आरोप लगाया कि पहले होटलों का जीर्णोद्धार चरणबद्ध तरीके से किया जाता था, जिससे आय प्रभावित न हो। अब पूरे होटल को एक साथ बंद कर काम करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुल्लू-मनाली के चार होटलों में ऐसा किया गया और अब शिमला के होटल पीटरहॉफ में भी इसकी तैयारी है। संघ के अनुसार इससे लंबे समय तक होटल की आय प्रभावित होती है। संघ ने छराबड़ा के होटल वाइल्ड फ्लावर हॉल से सरकार को मिले 401 करोड़ और हर महीने होने वाली करीब 1.25 करोड़ रुपये की आय को लेकर भी सवाल उठाए। आरोप लगाया कि यह राशि निगम के खाते में नहीं आ रही है।
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