बहाली के समय विभाग ने आश्वासन दिया था कि दिनेश की सहमति के बिना उनका तबादला नहीं किया जाएगा। उन्होंने चौपाल में चार वर्ष तक सेवाएं दीं। इसी बीच उनका तबादला कर दिया गया। दिनेश ने अधिकारियों को बताया कि उनका बेटा दिव्यांग है उसके उपचार और स्कूल लाने-ले जाने के लिए पिता की मौजूदगी जरूरी है। उन्होंने चौपाल से तबादला न करने का अनुरोध किया। उनकी बात नहीं सुनी गई और डेढ़ महीने के भीतर पांच बार तबादला किया गया। जब दिनेश अपनी समस्या लेकर वरिष्ठ अधिकारियों से मिलने पहुंचे तो रात करीब साढ़े दस बजे उन्हें कार्यालय बुलाया गया, जहां मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। इस दौरान दिनेष की पत्नी ममता शर्मा और उनका बेटा भी मौजूद रहे।
कांस्टेबल पर दुर्व्यवहार और धमकी के आरोप
पुलिस विभाग ने कांस्टेबल दिनेश कुमार को निलंबित कर उनके विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। यह कार्रवाई उनके परिजनों की ओर से पुलिस विभाग पर लगाए गए आरोपों के बाद की गई है। एसपी शिमला कार्यालय से जारी बयान में बताया गया कि 30 अप्रैल 2026 को चौपाल के कालराधार में एक घटना हुई थी। इस संबंध में कांस्टेबल दिनेश और तत्कालीन एसएचओ चौपाल के खिलाफ शिकायत मिली।
जांच में पाया गया कि उन्होंने स्थानीय व्यक्तियों से दुर्व्यवहार किया, पैसे छीने और झूठे मामले दर्ज करने की धमकी भी दी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शिमला ने उनके आचरण को गलत पाया। इस मामले में एसएचओ की नोटिस जारी करने के बाद लाइनहाजिर कर दिया गया था। विभाग का कहना है कि दिनेश ने विभागीय आदेशों का पालन नहीं किया और ड्यूटी पर देर से पहुंचे। उन्होंने अपनी पसंद की तैनाती के लिए वरिष्ठ अधिकारियों पर अनुचित दबाव बनाने का भी प्रयास किया। एसएसपी शिमला ने कहा कि बार-बार अनुशासनहीनता और आदेशों की अवहेलना के कारण उन्हें निलंबित किया गया है। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया कि जांच निष्पक्ष है। उन्हें अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जा रहा है।