फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कसुम्पटी में घर पर पेड़ गिरने से गुस्साए लोगों ने रोका रास्ता

विज्ञापन
भारी बरसात के बाद शिमला के कसुम्पटी में घर पर गिरा पेड़।
विज्ञापन
शिमला। शहर के कसुम्पटी इलाके में बुधवार रात तीन सूखे पेड़ों के गिरने से लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इन पेड़ों को काटने की लोग कई बार प्रशासन से मांग कर चुके थे लेकिन इस पर सुनवाई नहीं की गई। रात को गिरे इन पेड़ों में एक पेड़ एक व्यक्ति के घर पर जा गिरा। सुबह पेड़ काटने जब कर्मचारी पहुंचे तो उन्हें लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा। अमर उजाला ने भी इन खतरनाक पेड़ों का मुद्दा अपने 26 जून के अंक में प्रमुखता से उठाया था।
विज्ञापन

एक साल से लोगों ने यह पेड़ रस्सों से बांधकर रखे थे। इनमें एक पेड़ स्थानीय निवासी लालचंद शर्मा के रिहाइशी मकान पर गिरा है। इससे घर के परिसर में लगी ग्रिल टूट गई। साथ ही परिसर में रखा समान भी क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। यहीं पर दो अन्य सूखे पेड़ सड़क पर जा गिरे। इससे गुस्साए लोगों ने वीरवार सुबह सड़क रोक दी। गुस्साए लोगों का कहना था कि जो पेड़ गिरे हैं, उन्हें काटने को लेकर दो साल से कई शिकायतें नगर निगम और वन विभाग को दी। मेयर कुसुम सदरेट ने भी इनका निरीक्षण किया था। लेकिन आज तक पेड़ नहीं काटे गए। गुस्साए लोगों ने सुबह पेड़ काटने आए कर्मचारियों को इन्हें नहीं हटाने दिया। इससे पुलिस कॉलोनी के लोगों की गाड़ियां फंसी रहीं और लोगों को अपने कार्यक्षेत्र में जाने के लिए रास्ता बदलना पड़ा। बाद में मौके पर पहुंचे स्थानीय पार्षद राकेश चौहान ने निगम आयुक्त और उपायुक्त को शिकायत दी। लोगों का कहना था कि जब तक यहां सूखे खड़े एक और पेड़ नहीं काटा जाता वह इन गिरे हुए पेड़ों को नहीं हटाने देंगे। इसके बाद पार्षद ने दोनों अधिकारी की तरफ से इस पेड़ को काटने का भरोसा मिलने बात कही तब जाकर लोगों ने रास्ता बहाल किया।
घटना के लिए मेयर जिम्मेदार :
स्थानीय पार्षद राकेश चौहान ने इस घटना के लिए मेयर को जिम्मेदार ठहराया है। कहा कि पहले तो इन पेड़ों का निरीक्षण करने में देरी की गई। फिर जब दौर किया तो पेड़ नहीं काटे। कहा कि दो साल पहले भी यहां एक पेड़ घर पर गिर चुका है। मेयर अपनी सरकार होते हुए भी पेड़ों को कटवाने में नाकाम रही है। मेयर को खतनाक पेड़ों से सबसे पहले राहत दिलानी चाहिए थी लेकिन वह भाजपा पार्षदों के साथ आगरा में पिकनिक मनाने जा रही हैं।
विज्ञापन

शहर में 1300 खतरनाक पेड़
नगर निगम की मेयर ने शहर में खतरनाक पेड़ों का हाल ही में पांच बीटों का दौरा किया था। इसमें 1300 पेड़ खतरनाक बताए जा रहे हैं। हालांकि अभी नगर निगम की मेयर को तीन बीटों का दौरा करना अभी बाकी है। निगम जब सभी बिटों का दौरा करेगा तो शहर के और भी खतरनाक पेड़ों की संख्या बढं सकती है।
ट्री कमेटी नहीं काट सकती पेड़ : सदरेट
नगर निगम की महापौर कुसुम सदरेट ने कहा कि कसुम्पटी क्षेत्र का दौरा किया था और इन पेड़ों को काटने को कहा था। ट्री कमेटी के पास पेड़ काटने का कोई अधिकार नहीं है। धारा 133 के तहत एसडीएम के पास पेड़ कटवाने के अधिकार होते हैं जो भी आरोप लगाए गए हैं वह बेबुनियाद हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें