पानी बिलों की समस्या को लेकर बैठक आयोजित की।
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सर, ढाई साल से हमारे होटल को पानी की एक बूंद नहीं मिली और आपने एक लाख 3,774 रुपये का बिल जारी कर दिया। आपके फील्ड स्टाफ से पानी मांगा तो बहानेबाजी की गई। आप ही बताइए अब इस बिल का क्या करूं? मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के शिमला होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन की ओर से होटल कारोबारियों को जारी हो रहे लाखों रुपये के पानी बिलों की समस्या को लेकर आयोजित बैठक में नालदेहरा के बुड स्टॉक रिजॉर्ट्स के जनरल मैनेजर एनके वर्मा ने यह मामला उठाया।
उन्होंने कहा कि इस तरह के मनमाने बिल परेशानी बढ़ा रहे हैं। बैठक में पेयजल कंपनी, जल प्रबंधन निगम लिमिटेड की ओर से एजीएम हरमेश भाटिया और मैनेजर महबूब शेख मौजूद रहे। शहर के होटल संचालकों ने कहा कि ढाई साल से बिल जारी नहीं किए अब दिए जा रहे हैं तो हजारों रुपये सरचार्ज जोड़ा जा रहा है। लॉकडाउन में होटल बंद थे उसका भी पानी बिल सरचार्ज के साथ मांगा जा रहा है। यही नहीं जिन बिलों का भुगतान कर दिया है उसका एरियर जोड़कर नए बिल जारी किए जा रहे हैं।
कंपनी के दफ्तर जाएं तो औपचारिकताओं में उलझाया जा रहा है। टैंकरों के जरिये पानी देने का वादा भी पूरा नहीं किया है। शहर के होटल संचालक, प्राइवेट टैंकरों से पानी खरीद रहे हैं, इसकी फिल्टरेशन खुद करवानी पड़ती है। एसोसिएशन के सदस्य गारबेज बिल की समस्या को लेकर भी निगम आयुक्त से मिले और लॉकडाउन अवधि के बिल में छूट मांगी। बैठक में एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सूद, उपाध्यक्ष प्रिंस कुकरेजा, सलाहकार संजय ठाकुर, सुनील बांबा, बलजीत सिंह, अनुपम कपूर, बलवंत कुकरेजा, सुरेंद्र ठाकुर और बलबीर कुकरेजा सहित अन्य होटल संचालक मौजूद रहे।
शिकायतें हल करने के लिए कंपनी गंभीर : भाटिया
एजीएम हरमेश भाटिया ने कहा कि होटल संचालकों की समस्याओं का समाधान करने के लिए कंपनी प्रबंधन गंभीर है। सॉफ्टवेयर में दिक्कत और रिकार्ड में गलती की वजह से समस्या पेश आ रही है जिसे सुधारा जा रहा है। होटल संचालक अगर हमारा सहयोग करेंगे तो जल्द ही सभी शिकायतें हल हो जाएंगी।
व्हाट्सऐप देखता हूं तो कंफ्यूज हो जाता हूं
जल प्रबंधन निगम के एजीएम हरमेश भाटिया ने बैठक के दौरान कहा कि लोग व्हट्सएप पर इतने मेसेज भेजते हैं कि शाम को इन्हें देख कर कन्फ्यूज हो जाता हूं। उन्होंने आग्रह किया कि बिलों के साथ अगर शिकायत का विवरण भी दिया जाएगा तो समाधान में सहूलियत होगी।