राजधानी के साथ लगते जुन्गा रियासत के करीब दो सौ साल पुराने राजमहल में बुधवार को अचानक आग भड़क गई। लकड़ी के बने इस महल के एक हिस्से में आग की लपटें इतनी बढ़ गईं कि इसे बुझाना मुश्किल हो गया। आग लगने के कारण इस पुराने महल का एक हिस्सा पूरी तरह से जलकर राख हो गया। महल के भीतर पुरानी लकड़ी में अभी भी आग पूरी तरह से नहीं बुझी है। पुराना जुन्गा स्थित यह प्राचीन राजमहल क्योंथल रियासत की करीब दो सदी पुरानी ऐतिहासिक धरोहर है। यह महल काफी पुराना है और करीब सौ साल से खाली पड़ा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार बुधवार को दोपहर करीब 1:00 बजे अचानक राजमहल में आग की लपटें दिखाई दीं। इसका पता लगते ही स्थानीय लोग मौके पर जुट गए और आग बुझाने की कोशिश करने लगे। सूचना मिलते ही तहसीलदार जुन्गा कार्तिकेय शर्मा, पुलिस और होमगार्ड की टीमों के साथ मौके पर पहुंचे। आग की सूचना दमकल टीम शिमला को भी दी गई। करीब एक घंटे बाद शिमला से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया।
तहसीलदार जुन्गा कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि पुलिस और होमगार्ड की मदद से महल के बाहरी हिस्से में आग पर काबू पा लिया गया है। महज के भीतर आग पूरी तरह से अभी बुझी नहीं है और इसे बुझाने का कार्य चल रहा है। इसके चलते दमकल की तीन गाड़ियां मौके पर ही तैनात कर दी गई हैं। एसडीएम शिमला ग्रामीण भी कैंप लगाकर मौके पर ही मौजूद हैं। अभी तक आग लगने के कारणों का पता नहीं लग पाया है। आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस को दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे।
वर्षों से खड़ा था पुराना राजमहल
राजपरिवार के सदस्य पंकज सेन ने बताया कि यह क्योंथल रियासत की एक ऐतिहासिक धरोहर थी। यह पर्यटकों के लिए एक धरोहर स्थल बन सकती थी लेकिन आग लगने से इसका अस्तित्व मिट गया है। बताया कि इस राजमहल में देवता जुन्गा के 22 टीका का मंदिर (पौल) थी। इसी हिस्से में अब आग लगी है। बताया कि करीब एक सदी पहले क्योंथल रियासत का राजमहल नया जुन्गा में शिफ्ट हो गया है।
लकड़ी और पत्थर से बना था राजमहल
एसडीम शिमला ग्रामीण मंजीत शर्मा ने बुधवार शाम मौके पर पहुंचकर घटना का जायजा लिया। बताया कि राजमहल के पूर्वी हिस्से में आग लगी है। यह महल काष्ठकुणी शैली में टावर रूप में बना है। इसमें लकड़ी और पत्थर का इस्तेमाल किया गया था। यह टावर करीब तीन मंजिल का होगा। एसडीएम ने बताया कि राजमहल का करीब 45 फीसदी हिस्सा जल गया है।