जांच में यह भी सामने आया कि वारदात से कुछ दिन पहले हिमांक मित्तल ने गोविंद के खाते में करीब 8.5 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। पुलिस के मुताबिक हिमांक के पास सरस्वती पैराडाइज स्कूल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज तक पहुंच थी, जिससे वह मनीषा की गतिविधियों पर नजर रखता था। यह सीसीटीवी एक्सेस बाद में गोविंद के माध्यम से कथित शूटरों तक पहुंचाया गया।
पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान एकत्र किए गए साक्ष्यों के आधार पर हिमांक मित्तल इस पूरी साजिश का मुख्य सूत्रधार था। उसे 29 जून को रोहतक से गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।
एएसपी सिटी मेहर पंवार ने कहा कि जिला शिमला पुलिस ने तकनीकी जांच और साक्ष्यों के आधार पर इस मामले का सफल खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि आम जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।