फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shimla Manisha Mittal Murder Case: 150 गज जमीन का विवाद भी बना मनीषा हत्याकांड की वजह, जांच में नए खुलासे

Sun, 05 Jul 2026 09:53 AM IST
Ankesh Dogra अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

शिमला के चर्चित मनीषा हत्याकांड की जांच में नया खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, हरियाणा के रोहतक स्थित 150 गज जमीन को लेकर चल रहा संपत्ति विवाद भी हत्या की प्रमुख वजहों में शामिल था। जांच में सामने आया है कि हत्या की साजिश पहले से रची गई थी और आरोपियों ने रेकी, फर्जी नंबर प्लेट, वर्चुअल नंबर और सीसीटीवी एक्सेस का इस्तेमाल कर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
विज्ञापन
संजौली मनीषा मित्तल हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सरस्वती पैराडाइज स्कूल संजौली की संचालिका मनीषा हत्याकांड में शिमला ही नहीं हरियाणा में भी संपत्ति को लेकर हिमांक और मनीषा के बीच विवाद चल रहा था। पुलिस की अभी तक की जांच में सामने आया है कि हिमांक ने अपने पार्टनर गोविंद को करीब 86 लाख रुपये में रोहतक के बाबरा मोहल्ला माता दा दरवाजा चौक पर एक 150 गज की प्रॉपर्टी बेची थी। इसको लेकर मनीषा ने स्थानीय अदालत में दीवानी मुकदमा किया था।

विज्ञापन

मनीषा का आरोप था कि यह रजिस्ट्री गलत तरीके से की गई है और हिमांक ने इसकी वसीयत भी अपने नाम फर्जी तरीके से करवाई है। माना जा रहा है कि यह भी एक वजह है कि भाई और बहन के बीच चल रहे संपत्ति विवाद में गोविंद की एंट्री हुई। इसके बाद ही मनीषा की हत्या को लेकर आरोपियों ने साजिश रची। हिमांक ने सरस्वती पैराडाइज स्कूल संजौली के सीसीटीवी कैमरों का एक्सेस गोविंद को दिया और 8.50 लाख रुपये की रकम ट्रांसफर की। इसके बाद गोविंद ने सीसीटीवी का एक्सेस आगे दोनों शूटरों को उपलब्ध करवाया। 

हत्या की वारदात को अंजाम देने से पहले शिमला आकर बाकायदा रेकी की गई। गोविंद ने दोनों शूटरों को किराये पर गाड़ी हायर करवाकर दी। इसके अलावा फर्जी नंबर प्लेट, मोबाइल और खर्च के लिए 50 हजार रुपये भी दिए। साजिश के तहत 13 जून को शाम 6:00 बजे के करीब दीपक और आशीष ने मनीषा को स्कूल गेट के पास गोलियां बरसाकर मौत के घाट उतार दिया। गौरतलब है कि शहर में  हुई यह हत्या की वारदात काफी चर्चित रही है। लोगों का कहना है कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि शहर की शांति बरकार रहे। बाहरी लोगों की वजह से शहर में इस तरह की घटनाएं हो रही हैं।

एसएसपी गौरव सिंह ने बताया कि पुलिस ने इस हत्याकांड की वजह संपत्ति विवाद थी। पुलिस ने मामले में संलिप्त सभी आरोपियों को गिरफ्तार करके कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस की टीमों ने पेशेवर ढंग से काम करके इस ब्लाइंड मर्डर केस को काफी कम समय में सुलझाने में कामयाबी हासिल की है।
विज्ञापन

पुलिस ने 39 घंटे में पकड़ लिए थे शूटर : 13 जून की शाम को जब स्कूल के बाहर मनीषा की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई तो उससे पूरे शहर में सनसनी फैल गई। यही नहीं शिमला से हरियाणा तक यह सूचना आग की तरह फैल गई। शिमला पुलिस के सामने मुश्किल यह थी कि इस पूरे हत्याकांड को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया था। दोनों शूटरों ने मास्क पहनकर अपनी पहचान छिपाई थी और गाड़ी पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी। आरोपी बातचीत के लिए वर्चुअल नंबरों का इस्तेमाल कर रहे थे। पुलिस को डर इस बात का था कि आरोपी भूमिगत हो गए तो उन्हें पकड़ने में लंबा समय लग जाएगा और तब तक इस हत्या की गुत्थी को सुलझाना मुमकिन नहीं है। इसको देखते हुए पुलिस ने फौरन टीमों को पंजाब और हरियाणा के लिए रवाना किया और पंजाब तथा हरियाणा पुलिस से मदद लेकर 39 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को धर दबोचा। इसके अलावा हत्या में इस्तेमाल किए हथियार और गाड़ी को भी बरामद कर लिया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें