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शिमला: केएनएच को शिफ्ट करने के विरोध में सचिवालय का घेराव, पुलिस से झड़प

Tue, 15 Sep 2026 01:06 PM IST
Ankesh Dogra न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

शिमला में कमला नेहरू अस्पताल की गायनी ओपीडी को आईजीएमसी में स्थानांतरित करने के विरोध में मंगलवार को अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति का प्रदर्शन उग्र हो गया। हिमलैंड से सचिवालय तक मार्च के बाद प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बैरिकेड हटाए और सड़क पर बैठकर नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई। पढ़ें पूरी खबर...
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अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति का प्रदर्शन। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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कमला नेहरू अस्पताल (केएनएच) को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में शिफ्ट करने के विरोध में महिलाओं ने मंगलवार को शहर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने सचिवालय का घेराव किया। बैरिकेड्स हटाने पर पुलिस और प्रदर्शन कर रही महिलाओं के बीच झड़प भी हुई। इससे करीब आधे घंटे तक सर्कुलर रोड पर जाम लगा रहा। महिलाओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। महिलाओं ने एकजुटता दिखाते हुए आईजीएमसी में चल रहे गायनी विभाग को वापस केएनएच लाने की मांग की। साथ ही अस्पताल को शिफ्ट न करने की मांग उठाई।

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मंगलवार सुबह 11:00 बजे अखिल भारतीय महिला समिति के बैनर तले महिलाओं ने अस्पताल के स्थानांतरण के विरोध में सचिवालय तक रैली निकाली। इसमें महिलाओं के साथ पुरुष भी शामिल हुए। रैली निकालते हुए महिलाएं दोपहर 12:15 बजे सचिवालय गेट के पास पहुंचीं जहां उन्हें आगे जाने से रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाए थे। महिलाओं ने जबरन बैरिकेड्स हटा दिए। इसके बाद पुलिस और महिलाओं के बीच झड़प हुई और महिलाएं सड़क पर बैठ गईं जिससे सर्कुलर रोड पर संजौली की तरफ जाम की स्थिति बन गई। बाद में पुलिस कर्मियों ने महिलाओं को सड़क से हटाया। महिलाओं का आरोप है कि उन्हें कभी आईजीएमसी तो कभी केएनएच के चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ रहा है।





 

यही नहीं अस्पताल की शिफ्टिंग को लेकर बनाई गईं कमेटियां भी इसका विरोध कर चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद सरकार मनमानी पर अड़ी है। जनवादी महिला समिति की राज्य अध्यक्ष रंजना जरेट ने कहा कि सरकार ने कमला नेहरू अस्पताल से गायनी की ओपीडी को रातोंरात आईजीएमसी शिफ्ट कर दिया। इससे महिलाओं को परेशानी हो रही है। सरकार को तीसरे चरण में भवन का निर्माण करवाना चाहिए था लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसमें जिन सुविधाओं के लिए आईजीएमसी में गायनी ओपीडी को शिफ्ट किया वह सुविधाएं केएनएच में भी उपलब्ध कराई जा सकती थीं। केएनएच शिफ्ट करने के विरोध में महिला समिति की रैली को देखते हुए सचिवालय गेट और आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया था। इसके साथ ही वाटर कैनन भी मौजूद था। पुलिस की ओर से बैरिकेड्स भी लगाए थे।

कोठियां बनाने का आरोप, डिप्टी सीेएम ने दिया चर्चा का आश्वासन
समिति की महासचिव फालमा चौहान ने आरोप लगाया कि सरकार सुनियोजित तरीके से महिलाओं के इस अस्पताल को उजाड़ रही है। शिफ्टिंग के बाद पूर्व मुख्यमंत्रियों और वर्तमान मंत्रियों के लिए कोठियां तथा आवास बनाने की तैयारी की जा रही है। सरकार की इन जनविरोधी और महिला विरोधी नीतियों के चलते स्वास्थ्य क्षेत्र को लगातार बेचा जा रहा है। सरकार हर वर्ष तरह-तरह के शुल्क बढ़ाकर महिलाओं पर आर्थिक बोझ डाल रही है। धरने के बाद समिति का प्रतिनिधिमंडल उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से मिला। प्रतिनिधिमंडल को उपमुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि 22 सितंबर को होने वाली कैबिनेट की बैठक में इस मामले को लाया जाएगा और चर्चा की जाएगी।
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गदर फ्रंट ने भी दिया समिति को समर्थन
कमला नेहरू अस्पताल को आईजीएमसी में शिफ्ट करने के विरोध में अखिल भारतीय महिला समिति की ओर से किए गए प्रदर्शन का गदर फ्रंट ने भी समर्थन किया है। गदर फ्रंट के सदस्यों ने कहा कि महिलाओं के सम्मान के लिए वह सबसे आगे हैं और महिलाओं को किसी भी प्रकार से परेशान नहीं होने दिया जाएगा। गदर फ्रंट ने सरकार से मांग की कि जल्द आईजीएमसी से गायनी ओपीडी को वापस केएनएच में लाया जाए, ताकि महिलाओं को परेशानी न हो।
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