बैठक में एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने और यात्रियों की सुविधाओं पर चर्चा हुई। सांसद कश्यप ने नए वैकल्पिक एयरपोर्ट की संभावनाओं पर विचार करने की बात कही। उन्होंने जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट को पीपीपी मॉडल पर देने की चर्चाओं को खारिज किया। सरकार मौजूदा एयरपोर्ट की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर ध्यान दे रही है। जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट की सीमित रनवे और भौगोलिक स्थिति बड़ी चुनौती है। बड़े विमानों का संचालन यहां आसान नहीं है। एयरपोर्ट निदेशक सतीश कुमार ने विभागों को कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि शिमला-दिल्ली उड़ान का किराया अब करीब 7,500 रुपये तय किया गया है। पहले यह किराया 20 से 22 हजार रुपये तक होता था। इससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
एयरपोर्ट पर उपलब्ध होगा डाॅक्टर, वैकल्पिक सड़क भी बनेगी
एयरपोर्ट पर वन-स्टॉप टूरिस्ट हेल्प सेंटर स्थापित होगा। यहां पर्यटकों को होटल, टैक्सी और चिकित्सा सुविधा की जानकारी मिलेगी। बर्ड हिट (पक्षियों के टकराने) की घटनाएं न हों, इसके लिए एयरपोर्ट के आसपास ठोस कचरा प्रबंधन के निर्देश दिए जाएंगे। उड़ानों के दौरान एयरपोर्ट पर डॉक्टर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। आपात स्थिति के लिए 108 एंबुलेंस भी हर समय उपलब्ध रहेगी। एयरपोर्ट मार्ग पर ट्रैफिक जाम से राहत के लिए वैकल्पिक सड़क पर चर्चा हुई। 20 जुलाई को उप-जिलाधिकारी कंडाघाट और संबंधित विभाग निरीक्षण करेंगे। इसके बाद परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा।