बीते दिनों अस्पतालों में पेट दर्द के मामले आने शुरू हुए थे लेकिन अब पेट दर्द के साथ पीलिया से पीड़ित भी उपचार के लिए अस्पताल में पहुंच रहे हैं। ऐसे में आईजीएमसी के मेडिसिन वार्ड में कतारें लगनी शुरू हो गई हैं। एहतियात के तौर पर चिकित्सक मरीजों के टेस्ट भी करवा रहे हैं ताकि संबंधित बीमारी का उपचार किया जा सके। स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सकों ने भी बरसात में जलजनित बीमारियों के बढ़ती आशंका को देखते हुए एडवाइजरी जारी कर दी है। लोगों से आग्रह किया है कि पानी को उबालकर ही सेवन करें। जिला स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को भी अलर्ट मोड पर रखा है। साथ ही जगहों की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। बारिश से शहर के कई हिस्सों में मटमैला पानी की सप्लाई हो रही है।
हालांकि, आपूर्ति करने वाली कंपनी पानी को फिल्टर करने के बाद ही योजनाओं से लिफ्ट कर रही है। फिर भी पानी मटमैला आ रहा है। इसी के साथ बारिश के बीच पानी के कंटैमिनेशन होने का खतरा भी रहता है। अगर लोग इस पानी का सेवन करते है तो बीमार होने का खतरा बढ़ जाता है।
आईजीएमसी में पीलिया के मामले आए हैं। हालांकि यह मामले एक ही जगह के नहीं हैं। लोगों से आग्रह है कि फिल्टर या फिर उबले हुए पानी का ही सेवन करें। लक्षण आने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लें। -डॉ. सतीश, प्रोफेसर एवं मेडिसिन विशेषज्ञ आईजीएमसी